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RSS: कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर क्या सोचता है संघ? सुनील आंबेकर ने Gen Z को लेकर दिया बड़ा बयान
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने हाल ही में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP), भारतीय लोकतंत्र, Gen Z और भारत-पाकिस्तान संबंधों को लेकर कई महत्वपूर्ण टिप्पणियां की हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र बेहद मजबूत है और देश की संस्थाएं किसी भी प्रकार की राजनीतिक या सामाजिक चुनौती का सामना करने में सक्षम हैं।
Key Highlights
- सुनील आंबेकर ने लोकतंत्र की मजबूती पर जताया भरोसा।
- कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर संघ का रुख स्पष्ट किया।
- Gen Z को देश के प्रति आशावादी बताया।
- पाकिस्तान के साथ लोगों के स्तर पर संवाद जारी रखने की वकालत की।
- कहा कि संघ मजबूत होता तो देश का विभाजन नहीं होता।
कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर RSS का क्या कहना है?

पत्रकारों द्वारा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के उभार को लेकर पूछे गए सवाल पर सुनील आंबेकर ने कहा कि लोकतंत्र में विभिन्न विचारों और भावनाओं का सामने आना एक सामान्य प्रक्रिया है। इसे किसी झटके या संकट के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत में मीडिया, सोशल मीडिया और राजनीतिक दल पर्याप्त रूप से मजबूत हैं तथा लोकतांत्रिक संस्थाएं प्रभावी ढंग से कार्य कर रही हैं। ऐसे में किसी नए राजनीतिक या सामाजिक विमर्श को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा माना जाना चाहिए।
लोकतंत्र पर जताया भरोसा
आंबेकर ने कहा कि भारत का लोकतंत्र इतना मजबूत है कि वह हर व्यक्ति की आवाज और भावनाओं को अपने भीतर समाहित कर सकता है। उन्होंने लोगों से लोकतांत्रिक संस्थाओं पर भरोसा बनाए रखने की अपील की।
उनके अनुसार भारत की जनता, लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक ढांचा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं, जो किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं।
Gen Z को लेकर क्या बोले सुनील आंबेकर?
आरएसएस नेता ने कहा कि भारत की नई पीढ़ी यानी Gen Z देश को लेकर बेहद सकारात्मक सोच रखती है। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग को भारत के भविष्य पर भरोसा है और वे लोकतांत्रिक तथा संवैधानिक प्रक्रियाओं में विश्वास रखते हैं।
आंबेकर के अनुसार लोकतंत्र में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होना स्वाभाविक है और उन्हें हल करने के लिए संवैधानिक व्यवस्था के भीतर पर्याप्त तंत्र मौजूद हैं।
पाकिस्तान से बातचीत पर भी रखी राय
हाल ही में RSS के सह-सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले द्वारा पाकिस्तान के साथ संवाद बनाए रखने की बात कही गई थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सुनील आंबेकर ने भी कहा कि लोगों के बीच संवाद समस्याओं के समाधान का एक महत्वपूर्ण माध्यम हो सकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार स्तर की बातचीत राजनीतिक और कूटनीतिक विषय है, लेकिन जब आधिकारिक स्तर पर बातचीत में रुकावट हो तो लोगों के बीच संपर्क और संवाद जारी रहना चाहिए।
'संघ मजबूत होता तो नहीं होता विभाजन'
सुनील आंबेकर ने भारत विभाजन को देश के इतिहास की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक बताया। उन्होंने कहा कि आरएसएस ने हमेशा विभाजन का विरोध किया है।
उन्होंने कहा कि यदि 1947 में संघ आज की तुलना में अधिक मजबूत होता, तो संभवतः देश का विभाजन नहीं होता। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उस कठिन समय में संघ ने बड़ी संख्या में हिंदुओं की सुरक्षा और पुनर्वास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
Expert Analysis
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सुनील आंबेकर के बयान का मुख्य संदेश भारतीय लोकतंत्र की मजबूती और संवाद की आवश्यकता पर केंद्रित है। Gen Z को लेकर उनका सकारात्मक दृष्टिकोण यह दर्शाता है कि संघ नई पीढ़ी को देश के भविष्य का महत्वपूर्ण आधार मानता है।
वहीं, विभाजन को लेकर दिया गया बयान संघ की ऐतिहासिक सोच और वैचारिक दृष्टिकोण को भी सामने लाता है।
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