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भोपाल में साइबर फ्रॉड का अजब पेतरा लकी ड्रॉ में SUV जीतने का दिया झांसा, ठग लिए 9.55 लाख,

उर्मी फ्रेंडशिप क्लब के प्रतिनिधि बनकर जालसाजों ने एक व्यक्ति को लकी ड्रॉ में थार कार जीतने का झांसा दिया और अलग-अलग शुल्क के नाम पर उससे 9 लाख 55 हजार 487 रुपए ऑनलाइन जमा करा लिए।

25 अप्रैल से 5 जून के बीच हुई ठगी
Updated: 7/18/2026, 6:58:40 AM
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  • साइबर पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद मध्य प्रदेश में ठगी की वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही हैं।
  • साइबर ठग आए दिन नए - नए पैतरे अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। इसी एक नया तरीका अपना कर राजधानी भोपाल के बागसेवनिया थाना इलाके में उर्मी फ्रेंडशिप क्लब के प्रतिनिधि बनकर जालसाजों ने एक व्यक्ति को लकी ड्रॉ में थार कार जीतने का झांसा दिया और अलग-अलग शुल्क के नाम पर उससे 9 लाख 55 हजार 487 रुपए ऑनलाइन जमा करा लिए।
  • जब पीड़ित का ठगी का अहसास हुआ तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई।
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मामले की जानकारी देते हुए बागसेवनिया थाना प्रभारी अमित सोनी ने बताया कि, 55 वर्षीय शिकायतकर्ता अनंत मसीह, निवासी रामेश्वरम कॉलोनी बाग मुगलिया के साथ 25 अप्रैल को उर्मी फ्रेंडशिप एंड डेटिंग क्लब, लक्ष्मी नगर नई दिल्ली के प्रतिनिधि बनकर कुछ लोगों ने उससे फोन और वाट्सएप के माध्यम से संपर्क किया। दो दिन बाद ठगों ने 27 अप्रैल को उसे बताया कि, वो क्लब के सुपर सिक्स प्रोग्राम लकी ड्रॉ में विजेता चुना गया है और उसे पुरस्कार स्वरूप थार गाड़ी मिलेगी। ठगों ने कार दिलाने के नाम पर पंजीयन शुल्क, सदस्यता, दस्तावेज, आरटीओ, बीमा, टीसीएस और जीएसटी समेत अन्य शुल्क के नाम पर ऑनलाइन राशि जमा करा ली। उन्होंने अलग-अलग किश्तों में कुल 6 लाख 83 हजार 295 रुपए जमा कर दिए।

वीआइपी सदस्य बनाने के नाम पर ठगे

इसके बाद 13 मई को राज शर्मा और हिमांशु कुमार नामक व्यक्तियों ने संपर्क कर बताया कि, उसका नाम कंपनी की योजना में वीआइपी सदस्य प्रोफाइल के रूप में चयनित हुआ है। इसके बाद सुरक्षा शुल्क, स्वास्थ्य बीमा, स्वास्थ्य जांच और अन्य प्रक्रियाओं के नाम पर उससे दोबारा 2 लाख 72 हजार 129 रुपए जमा करा लिए गए। फरियादी अनंत ने जब कार और सदस्यता का लाभ नहीं मिलने पर रकम वापस मांगी तो आरोपितों ने 28 हजार 707 रुपए अतिरिक्त जमा करने को कहा। उन्होंने दावा किया कि, इसके बाद 24 से 28 घंटे में पूरी राशि उनके खाते में वापस कर दी जाएगी। अपनी जमा राशि में से ये रकम काटने को कहा, लेकिन आरोपियों ने ऐसा करने से मना कर दिया।

25 अप्रैल से 5 जून के बीच हुई ठगी

पूरी घटना 25 अप्रेल से 5 जून 2026 के बीच हुई। आरोपियों ने उसके स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक खाते से गूगल-पे के जरिए अलग-अलग लेनदेन कराकर 9,55,487 रुपए ठग लिए। पुलिस को दिए आवेदन में पीड़ित ने आरोपियों के नाम और मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराए हैं। इनमें राजेश शर्मा, आलोक मिश्रा, राज शर्मा, हिमांशु कुमार, राजेश कुमार और पंकज सिंह भदौरिया के नाम शामिल हैं।

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