Trending

नई राजनीतिक पारी में अन्‍नामलाई, PM मोदी के 'प्रधान सेवक' मॉडल से प्रेरित दिखा नया आंदोलन

पूर्व तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने "We The Leaders" नाम से नए राजनीतिक आंदोलन की शुरुआत की है। खास बात यह है कि उन्होंने खुद को संगठन का "Chief Servant" यानी मुख्य सेवक बताया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अन्नामलाई के नए मंच में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राजनीति और विचारधारा की स्पष्ट झलक दिखाई देती है।

Annamalai New Political Movement
Updated: 6/5/2026, 12:38:49 PM
Fact Checked

This report has been reviewed.

नई राजनीतिक पारी में अन्नामलाई, PM मोदी के मॉडल से प्रेरित दिखा नया आंदोलन

तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने अपनी नई राजनीतिक यात्रा की शुरुआत कर दी है। उन्होंने "We The Leaders" नाम से एक नए राजनीतिक आंदोलन का शुभारंभ किया है। हालांकि भाजपा से अलग होने के बाद भी उनके नए मंच में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच और राजनीतिक शैली की झलक साफ दिखाई देती है।

सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि अन्नामलाई ने खुद को संगठन का अध्यक्ष नहीं बल्कि "Chief Servant" यानी "मुख्य सेवक" बताया है।

Key Highlights

  • के. अन्नामलाई ने "We The Leaders" नाम से नया राजनीतिक आंदोलन शुरू किया।
  • खुद को "Chief Servant" बताया, अध्यक्ष नहीं।
  • युवाओं और पहली बार राजनीति में आने वालों पर फोकस।
  • कोयंबटूर में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सेंटर स्थापित करने की घोषणा।
  • राजनीति में परिवारवाद और व्यक्तिवाद को चुनौती देने का दावा।

'Chief Servant' मॉडल ने खींचा ध्यान

article

अन्नामलाई के नए मंच की वेबसाइट पर उन्हें संगठन के "Chief Servant" के रूप में पेश किया गया है।

राजनीतिक जानकार इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "प्रधान सेवक" मॉडल से जोड़कर देख रहे हैं। मोदी ने भी कई मौकों पर खुद को देश का "प्रधान सेवक" बताया है और राजनीति में सेवा भावना पर जोर दिया है।

अन्नामलाई का कहना है कि उनका उद्देश्य राजनीति को व्यक्तिपूजा और परिवारवाद से दूर ले जाकर आम नागरिकों को केंद्र में रखना है।

युवाओं को राजनीति में लाने पर जोर

"We The Leaders" की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में युवाओं को राजनीति में लाना शामिल है।

अन्नामलाई का मानना है कि राजनीति केवल राजनीतिक परिवारों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे पेशेवरों, तकनीकी विशेषज्ञों और सामान्य युवाओं को भी नेतृत्व का मौका मिलना चाहिए।

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सेंटर की होगी स्थापना

अन्नामलाई ने कोयंबटूर में "डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सेंटर फॉर एथिक्स एंड पॉलिटिक्स" स्थापित करने की घोषणा की है।

इस केंद्र का उद्देश्य राजनीति में आने वाले युवाओं को नैतिक नेतृत्व और जनसेवा से जुड़े मूल्यों का प्रशिक्षण देना होगा।

अन्नामलाई पहले भी कई बार कह चुके हैं कि पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की सोच ने उनके राजनीतिक और वैचारिक जीवन को प्रभावित किया है।

राजनीति में आम लोगों को मौका देने की बात

अन्नामलाई ने कहा कि राजनीति में ऐसे लोगों की जरूरत है जो समाज के अलग-अलग वर्गों से आते हों और जिनका कोई राजनीतिक पारिवारिक बैकग्राउंड न हो।

उन्होंने दावा किया कि उनका मंच पहली पीढ़ी के नेताओं और युवाओं को आगे बढ़ाने का काम करेगा।

भाजपा से अलग होने के बाद नई शुरुआत

पूर्व आईपीएस अधिकारी अन्नामलाई ने नौकरी छोड़कर भाजपा जॉइन की थी और तेजी से पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल हो गए थे।

हालांकि तमिलनाडु की राजनीति और गठबंधन से जुड़े कुछ मुद्दों पर मतभेदों के बाद उन्हें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाया गया था। इसके बाद उन्होंने अपने नए राजनीतिक मंच की शुरुआत की।

क्या तमिलनाडु की राजनीति में बदलाव ला पाएंगे?

तमिलनाडु की राजनीति लंबे समय से बड़े दलों और क्षेत्रीय नेताओं के इर्द-गिर्द घूमती रही है।

ऐसे में अन्नामलाई का यह नया प्रयोग कितना सफल होगा, यह आने वाला समय बताएगा। लेकिन इतना जरूर है कि उनके नए आंदोलन में युवाओं, आम नागरिकों और वैकल्पिक राजनीति की बात प्रमुखता से दिखाई दे रही है।

Sources & References
  • Source
Get Daily News Updates

Join our newsletter and receive the latest breaking news, technology, politics and world updates directly in your inbox.

Comments
Comments feature UI is ready. Backend moderation/API can be connected later.
About the author

ayush

Senior content writer
Most Read