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कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके भारत लौटे, परिवार ने छोड़ा संभाजीनगर का घर; जानिए पूरा मामला

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके भारत लौट आए हैं। 6 जून को दिल्ली में प्रस्तावित आंदोलन से पहले उनके छत्रपति संभाजीनगर स्थित घर के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बढ़ती भीड़ और जन-प्रतिक्रिया को देखते हुए उनके परिवार ने एहतियातन घर छोड़ दिया है।

Abhijeet Dipke
Live UpdateUpdated: 6/6/2026, 2:21:30 PM
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अभिजीत दीपके भारत लौटे, परिवार ने छोड़ा घर; आखिर क्या है पूरा मामला?

सोशल मीडिया पर चर्चित चेहरा और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके एक बार फिर सुर्खियों में हैं। अमेरिका के बोस्टन से भारत लौटे दीपके 6 जून को दिल्ली में प्रस्तावित अपने आंदोलन को लेकर चर्चा में हैं। उनके भारत पहुंचते ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल बढ़ गई है।

इसी बीच एक और खबर सामने आई है कि महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर स्थित उनके परिवार ने एहतियात के तौर पर अपना घर अस्थायी रूप से छोड़ दिया है।

क्यों चर्चा में हैं अभिजीत दीपके?

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पिछले कुछ महीनों में अभिजीत दीपके सोशल मीडिया के जरिए राजनीतिक मुद्दों, सरकारी नीतियों और जनहित के विषयों पर अपनी बेबाक राय रखने के कारण तेजी से लोकप्रिय हुए हैं।

उनकी ओर से शुरू की गई "कॉकरोच जनता पार्टी" ने भी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा बटोरी है। हालांकि उनके समर्थक इसे एक जनआंदोलन बताते हैं, जबकि आलोचक इसे राजनीतिक प्रयोग मान रहे हैं।

परिवार ने घर क्यों छोड़ा?

अभिजीत दीपके के पिता भगवानराव दीपके ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि परिवार को किसी तरह की सीधी धमकी नहीं मिली है।

उनके अनुसार, बढ़ती भीड़, लोगों की उत्सुकता और संभावित जन-प्रतिक्रिया को देखते हुए परिवार ने सुरक्षा के लिहाज से कुछ समय के लिए दूसरे स्थान पर रहने का फैसला किया है।

उन्होंने यह भी बताया कि शुरुआत में परिवार ने अभिजीत को इस आंदोलन से दूर रहने की सलाह दी थी, लेकिन उनके दृढ़ संकल्प को देखते हुए बाद में उनका समर्थन किया गया।

दिल्ली पहुंचते ही बढ़ी सुरक्षा

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अभिजीत दीपके और उनके सहयोगी दिल्ली पहुंच चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी।

6 जून को प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि कानून-व्यवस्था की कोई समस्या उत्पन्न न हो।

आंदोलन को मिल रहा कानूनी समर्थन

अपने प्रस्तावित आंदोलन को कानूनी रूप से मजबूत बनाने के लिए अभिजीत दीपके ने कई कानूनी विशेषज्ञों से संपर्क किया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक वरिष्ठ वकील असीम सरोदे भी इस मामले में उनसे जुड़े हुए हैं। उनका कहना है कि दीपके का उद्देश्य नया राजनीतिक दल बनाना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से जनआंदोलन खड़ा करना है।

कौन-कौन हो सकते हैं शामिल?

दीपके के आंदोलन को लेकर दावा किया जा रहा है कि इसमें विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े कई प्रमुख लोग शामिल हो सकते हैं।

कुछ रिपोर्ट्स में शिक्षाविद सोनम वांगचुक, अभिनेता प्रकाश राज, सामाजिक कार्यकर्ता विश्वंभर चौधरी और वरिष्ठ पत्रकार निखिल वागले जैसे नामों का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि अंतिम भागीदारी को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

परिवार की चिंता भी बढ़ी

जहां एक तरफ अभिजीत दीपके के समर्थकों में उत्साह दिखाई दे रहा है, वहीं उनका परिवार उनकी सुरक्षा और भविष्य को लेकर चिंतित है।

उनकी मां अनिता दीपके ने कहा कि वह चाहती थीं कि उनका बेटा अमेरिका में अपने करियर पर ध्यान दे, लेकिन अब उन्होंने जो रास्ता चुना है, उसमें उनकी सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है।

अब सबकी नजर 6 जून पर

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अभिजीत दीपके के भारत लौटने के बाद अब सबकी नजर 6 जून को होने वाले उनके कार्यक्रम पर टिकी है।

यह देखना दिलचस्प होगा कि उनके आंदोलन को जनता का कितना समर्थन मिलता है और प्रशासन की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

अभिजीत दीपके का भारत लौटना और उनके परिवार का सुरक्षा कारणों से घर छोड़ना इस पूरे घटनाक्रम को और चर्चित बना रहा है। आने वाले दिनों में दिल्ली में होने वाला उनका कार्यक्रम राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर नई बहस छेड़ सकता है। फिलहाल सभी की नजर इस आंदोलन के अगले कदम पर बनी हुई है।

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