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दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में उमड़ी भारी भीड़, संसद मार्च से पहले सुरक्षा बढ़ी
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शन स्थल पर रविवार को बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। संसद मार्च से पहले प्रदर्शन में शामिल होने वालों की संख्या पहले के मुकाबले काफी बढ़ गई, जिससे पूरे इलाके में भारी भीड़ देखने को मिली।
20 जून से चल रहे इस आंदोलन में विभिन्न राज्यों से आए छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता और कई संगठनों के सदस्य शामिल हुए। प्रदर्शन स्थल पर लोगों की संख्या इतनी अधिक थी कि कई जगहों पर आवाजाही करना भी मुश्किल हो गया।
प्रदर्शन में बढ़ी भीड़, कई राज्यों से पहुंचे लोग

प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना है कि हाल के घटनाक्रम के बाद आंदोलन को और अधिक समर्थन मिलने लगा है। सुबह से ही जंतर-मंतर के दोनों प्रवेश द्वारों पर लोगों की लंबी कतारें देखी गईं।
भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए स्वयंसेवकों ने मोर्चा संभाला। कई स्वयंसेवक लोगों को पानी पिला रहे थे, जबकि कुछ गर्मी और उमस से राहत देने के लिए हाथ से पंखे झलते और पानी का छिड़काव करते नजर आए।
प्रदर्शन स्थल पर बनाई गई अस्थायी मेडिकल सुविधा
आंदोलन में शामिल लोगों की सुविधा के लिए एक अस्थायी चिकित्सा केंद्र भी बनाया गया।
यहां स्वयंसेवी डॉक्टर और अन्य लोग ओआरएस, दवाइयां, प्राथमिक उपचार सामग्री और मास्क उपलब्ध करा रहे थे। आयोजकों के अनुसार, यह व्यवस्था लोगों के सहयोग और दान से संचालित की जा रही है।
प्रदर्शन और प्रस्तावित संसद मार्च को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी।
जंतर-मंतर के आसपास बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती की गई। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई और पुलिस वाहनों तथा बसों को भी तैनात रखा गया ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
छात्र संगठनों और सामाजिक समूहों की भागीदारी

प्रदर्शन में विभिन्न छात्र संगठनों और सामाजिक समूहों ने हिस्सा लिया।
कई छात्र धरना स्थल पर अनशन पर बैठे दिखाई दिए। मंच से वक्ताओं ने शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य सार्वजनिक मुद्दों पर अपनी बातें रखीं। प्रदर्शन के दौरान कई लोगों ने पोस्टर और बैनर लेकर अपनी मांगों का समर्थन किया।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने शिक्षा व्यवस्था, सरकारी परीक्षाओं की पारदर्शिता, युवाओं के रोजगार और अन्य सार्वजनिक मुद्दों को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त कीं।
कुछ प्रतिभागियों का कहना था कि यह केवल एक मांग तक सीमित आंदोलन नहीं है, बल्कि आम नागरिकों की विभिन्न समस्याओं को सामने रखने का भी मंच बन गया है।
आयोजकों की ओर से संसद मार्च की तैयारी की जा रही है। प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
आने वाले दिनों में आंदोलन और संसद मार्च को लेकर आगे की रणनीति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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