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SIT को जांच के लिए मिला अतिरिक्त समय
राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) को जांच पूरी करने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार जांच का दायरा बढ़ाया गया है और मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
आरोपियों की संपत्तियों पर कार्रवाई की तैयारी

पुलिस गिरफ्तार आरोपियों की बीते दो वर्षों में अर्जित संपत्तियों की जांच कर रही है। इसके साथ ही आरोपियों और उनके रिश्तेदारों के बैंक खातों तथा वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर अपराध से अर्जित संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई की जा सकती है।
QR कोड और ऑनलाइन दान की जांच
जांच के दौरान आरोपी अविनाश शुक्ला के ठिकाने से एक ऐसा बक्सा बरामद हुआ, जिस पर QR कोड लगा था। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इस QR कोड का इस्तेमाल मंदिर में ऑनलाइन दान से जुड़ी किसी अनियमितता के लिए किया गया था।
ट्रस्ट के पुनर्गठन की तैयारी

सूत्रों के अनुसार 6 जुलाई को प्रस्तावित ट्रस्ट की बैठक से पहले राम मंदिर ट्रस्ट के पुनर्गठन का खाका तैयार किया जा रहा है। मामले से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट संबंधित वरिष्ठ नेतृत्व को भेजी जा चुकी है।
राम मंदिर ट्रस्ट के एक पूर्व कर्मचारी ने मंदिर प्रशासन से जुड़े कुछ अधिकारियों पर कर्मचारियों के साथ अनुचित व्यवहार, सिफारिश के आधार पर नियुक्तियां और प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। पुलिस इन दावों की भी जांच कर रही है।
बैंक कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
जांच एजेंसियों को संदेह है कि कुछ बैंक कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध हो सकती है। पुलिस उनके लेन-देन और मामले से संभावित संबंधों की जांच कर रही है।
मामले को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं कुछ नेताओं ने ट्रस्ट की जवाबदेही तय करने और प्रबंधन में सुधार की आवश्यकता भी जताई है।
पुलिस लगातार छापेमारी, पूछताछ, डिजिटल साक्ष्यों की जांच और वित्तीय रिकॉर्ड खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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