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IMD का पूर्वानुमान 2 दिन में झूमकर बरसेगा मानसून एमपी के 9 जिलों में 96 घंटे भारी बारिश की चेतावनी जारी

जबलपुर-सागर में मानसून की एंट्री, भोपाल, ग्वालियर और उज्जैन को अच्छी बारिश का इंतजार, आज 1 जुलाई से 4 जुलाई तक 96 घंटे के लिए प्रदेश के 9 जिलों में भारी बारिश का IMD ALERT

24 जून को दक्षिणी मध्यप्रदेश से मानसून ने की थी एंट्री
Live UpdateUpdated: 7/1/2026, 8:47:18 AM
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  • मध्यप्रदेश में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है।
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  • छह दिनों बाद मंगलवार को मानसून ने प्रदेश के पूर्वी हिस्से में प्रवेश किया है
  • , जबलपुर, सागर संभाग के जिलों में मानसून की एंट्री हो गई है,
  • वहीं भोपाल सहित उज्जैन और ग्वालियर संभाग में मानसून अभी नहीं पहुंचा है।
  • मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में मानसून की परिस्थतियां अनुकूल है, ऐसे में अगले एक दो दिनों में भोपाल समेत अन्य स्थानों पर भी मानसून की दस्तक हो सकती है,
  • वहीं एक सप्ताह में पूरे प्रदेश में मानसून छाने की संभावना है।
  • बता दें कि मध्यप्रदेश में मानसून की एंट्री 24 जून को दक्षिणी हिस्से से हुई थी, इस दौरान इंदौर, अलीराजपुर, नर्मदापुरम से मंडला, डिंडोरी, अनूपपुर तक मानसून आ गया था। बता दें कि मध्यप्रदेश में मानसून की एंट्री 24 जून को दक्षिणी हिस्से से हुई थी, इस दौरान इंदौर, अलीराजपुर, नर्मदापुरम से मंडला, डिंडोरी, अनूपपुर तक मानसून आ गया था। इसके बाद इसकी रफ्तार सुस्त पड़ गई थी और यह आगे नहीं बढ़ पाया था। रविवार से मानसूनी सिस्टम सक्रिय होते ही सोमवार को प्रदेश के पूर्वी हिस्से में मानसून आगे बढ़ा है। इसमें सोमवार को कटनी, जबलपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, सागर, दमोह, सिवनी आदि स्थानों पर मानसून की दस्तक हो गई है।सिस्टम सक्रिय, अभी जारी रहेगी बारिश की गतिविधियांमौसम विभाग के अनुसार इस समय मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, सागर, सीधी, देहरादून, मंडी होते हुए गुजर रही है। मौसमी ट्रफ पंजाब से उत्तर बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। एक ट्रफ दक्षिण मप्र से मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र, कोंकण, गोवा होते हुए अरब सागर तक है। साथ ही एक पश्चिमी विक्षोभ 2 जुलाई को आने की संभावना है।धोलावाड़ जलस्तर रेकॉर्ड निचले स्तर पर रतलाम में पेयजल संकट रतलाम. जिले में मानसून की दस्तक के बावजूद पर्याप्त बारिश न होने से पेयजल संकट गहराने लगा है। शहर की पेयजल व्यवस्था का मुख्य आधार धोलावाड़ बांध का जलस्तर 382.60 फीट यानी अपने न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है। यह अब तक का सबसे कम तल है। पानी होने के बावजूद इसकी गहराई बहुत कम है, जिससे पानी की आवक लगातार कम हो रही है। मौसम विभाग के वैज्ञानिक डी अरुण शर्मा ने बताया, ''इस समय अरब सागर, बंगाल की खाड़ी से बड़ी मात्रा में नमी आ रही है। साथ ही आगे भी मानसून के लिए परिस्थतियां अनुकुल हैं। ऐसे में इस सप्ताह मानसून प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर पहुंचने की संभावना है। अभी भोपाल, उज्जैन और ग्वालियर चंबल संभाग को छोड़कर शेष संभागों में मानसून आ गया है।'' आज से 96 घंटे लगातार भारी बारिश का अलर्ट (Heavy Rain Alert 9 District) मौसम विभाग के मुताबिक आज बुधवार 1 जुलाई से अगले चार दिन में जहां एमपी के ज्यादातर हिस्सों में कहीं हल्की से मध्यम बारिश तो कहीं बूंबाबांदी होने के आसार हैं, वहीं 9 जिलों में 96 घंटे लगातार भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन जिलों में रायसेन, नर्मदापुरम, खरगोन, आलीराजपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी जिले शामिल हैं।फैक्ट
  • -1 जून से अब तक- 88.2 मिमी
  • - औसत बारिश होना चाहिए - 131.1
  • - स्थिति 33 प्रतिशत कम
  • - पूर्वी मध्यप्रदेश में 59 प्रतिशत कम बारिश
  • - पश्चिमी मध्यप्रदेश में 7 प्रतिशत कम बारिश दर्ज
  • कहां - कितनी बारिश
  • सतना - 33
  • खरगोन - 8
  • बैतूल - 7
  • नर्मदापुरम - 6
  • रीवा - 4
  • सिवनी - 3
  • (बारिश मंगलवार शाम 5: 30 बजे तक(मिमी में)

Sources & References
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