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लखनऊ में बड़ा हादसा, कोचिंग सेंटर में लगी आग से 18 लोगों की मौत
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सोमवार को एक दर्दनाक हादसे का गवाह बनी। अलीगंज के पुरनिया क्षेत्र में स्थित एक तीन मंजिला व्यावसायिक भवन में अचानक भीषण आग लग गई, जिसमें कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में अधिकांश युवाओं की उम्र 20 से 24 वर्ष के बीच बताई जा रही है।
यह भवन कोचिंग सेंटर, गेमिंग जोन और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। आग इतनी तेजी से फैली कि कई छात्र और कर्मचारी भवन के अंदर ही फंस गए।
धुएं से मचा हड़कंप, जान बचाने के लिए कूदे छात्र

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर के समय भवन से धुआं निकलता दिखाई दिया। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया।
आग और धुएं के कारण बाहर निकलने के रास्ते बंद हो गए, जिसके चलते कई छात्र घबराकर खिड़कियों और छत की ओर भागे। कुछ लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिलों और छत से छलांग लगा दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी।
बड़े स्तर पर चला रेस्क्यू ऑपरेशन
सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन की कई टीमें मौके पर पहुंच गईं।
बचाव दल ने इमारत में फंसे लोगों को निकालने के लिए दीवार में छेद तक किया ताकि वैकल्पिक रास्ता बनाया जा सके। कई घंटों तक चले राहत और बचाव अभियान के बाद आग पर काबू पाया गया।
जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और राहत कार्यों की निगरानी करते रहे।
हादसे के कारणों की जांच शुरू

प्रशासन ने आग लगने के कारणों की जांच के आदेश दे दिए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार आग कोचिंग सेंटर वाले हिस्से से शुरू हुई थी, लेकिन वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
अधिकारियों का कहना है कि भवन में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं, इसकी भी जांच की जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताया दुख
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि लखनऊ में हुई अग्नि दुर्घटना अत्यंत दुखद और हृदय विदारक है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
मुख्यमंत्री ने अपने अलीगढ़ दौरे को बीच में ही समाप्त कर लखनऊ लौटने का फैसला किया और अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल जाना।
राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
प्रधानमंत्री मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि लखनऊ में आग की घटना में लोगों की मौत से वे बेहद दुखी हैं और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये तथा घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जताई संवेदना
लखनऊ के सांसद और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी हादसे पर दुख व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में लगी आग की घटना बेहद दर्दनाक है और इस त्रासदी में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के साथ उनकी संवेदनाएं हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर शहर के कोचिंग संस्थानों, व्यावसायिक भवनों और सार्वजनिक स्थानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे संस्थानों में नियमित सुरक्षा ऑडिट और आपातकालीन निकासी व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
पूरे प्रदेश में शोक की लहर
लखनऊ की इस घटना ने पूरे उत्तर प्रदेश को झकझोर दिया है। कई परिवारों ने अपने युवा बेटे-बेटियों को खो दिया, जो बेहतर भविष्य की उम्मीद लेकर कोचिंग सेंटर पहुंचे थे।
हादसे के बाद शहर के विभिन्न हिस्सों में शोक का माहौल है और लोग पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।
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