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शहर के पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइन में खड़े ग्राहकों ने बताया कि दाम में इजाफा होने की आशंका से कंपनियां अपना स्टॉक जानबूझकर कम सप्लाई कर रही हैं। जनता पर महंगाई की मार के साथ आम दिनों की जरूरतें पूरी नहीं कर पाने की मजबूरी भी थोपी जा रही है।
लोगों ने कहा: महंगाई के साथ अब जरूरतें भी पूरी नहीं हो रहीं
रमेश कुमार ने बताया कि पंपों पर चक्कर काटने के बाद तीसरे पंप पर आधा घंटा लाइन में लगना पड़ा। पेट्रोल न मिलने से काम पर जाने में देरी हो गई। किसान सतीश यादव के अनुसार ट्रैक्टर के लिए डीजल लेने आया था, लेकिन पंप बंद मिला। कंप5000 से अधिक का पेट्रोल खरीदा तो बताना होगा कारण
यदि कोई पेट्रोल पंप पर 5000 रुपए से अधिक का पेट्रोल या दस हजार रुपए से अधिक का डीजल खरीदता है तो उसे वैध कारण बताना होगा। यदि उसका उद्देश्य औद्योगिक- व्यवसायिक है तो फिर उसे पेट्रोलियम पंप से नहीं दिया जाएगा। गुरुवार को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से पेट्रोल पंप संचालकों से पेट्रोलियम की स्थिति पर बैठक में ये तय किया गया। गौरतलब है कि औद्योगिक उद्देश्य वाले डीजल की कीमत में 50 रुपए तक की बढ़ोतरी की है। यहां बैठक में पेट्रोल पंप संचालकों ने बताया कि पंप पर सस्ते पेट्रोल की वजह से औद्योगिक उपयोग वाले बल्क में डीजल लेने पहुंच रहें। इससे आमजन को पेट्रोल- डीजल में कमी हो सकती है। इसपर खाद्य अफसरों ने बल्क में खरीदी करने वालों से कारण पूछने के निर्देश दिए।
कंपनियों का दावा: ईंधन की कोई किल्लत नहीं
तेल कंपनियों के अधिकारियों ने ईंधन की कमी के दावों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि पेट्रोल-डीजल की कोई किल्लत नहीं है और पहले के मुकाबले सप्लाई को और बढ़ाया गया है। गुरुवार को इंडियन ऑयल के जेल पहाड़ी स्थित कार्यालय में एचपीसीएल, बीपीसीएल और इंडियन ऑयल के अधिकारियों की पेट्रोल पंप डीलर्स के साथ एक बैठक भी हुई। इसमें कंपनियों ने साफ किया कि सप्लाई चेन में कोई समस्या नहीं है और पंप बंद होने के अन्य व्यावसायिक कारण हो सकते हैं।
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