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मुंबई में मानसून की एंट्री के साथ बढ़ी मुश्किलें
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में मानसून ने जोरदार दस्तक दी है। हालांकि बारिश का इंतजार कर रहे लोगों के लिए यह राहत कम और परेशानी ज्यादा लेकर आई। बीते 24 घंटों में हुई रिकॉर्ड बारिश ने शहर की रफ्तार को काफी हद तक धीमा कर दिया।
मंगलवार सुबह 8 बजे से बुधवार सुबह 7 बजे तक मुंबई के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा बारिश मलवणी फायर स्टेशन क्षेत्र में 334 मिलीमीटर और एफ/साउथ वार्ड में 328 मिलीमीटर रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा शहर के 27 से अधिक इलाकों में 200 से 300 मिलीमीटर के बीच बारिश हुई।
अंधेरी सब-वे में भरा पानी, यातायात प्रभावित

लगातार बारिश के चलते मुंबई के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। अंधेरी सब-वे पूरी तरह पानी में डूब गया, जिसके कारण प्रशासन को इसे अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा।
सुबह ऑफिस और स्कूल जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला और लोगों को घंटों सड़कों पर फंसे रहना पड़ा।
पेड़ गिरने से कई वाहन क्षतिग्रस्त

तेज बारिश और हवाओं के कारण शहर के विभिन्न इलाकों में कई पेड़ उखड़ गए।
विक्रोली पश्चिम में एक रिहायशी इमारत के पास बनी रिटेनिंग वॉल भी गिर गई। कई जगहों पर पेड़ गिरने से कारों और दोपहिया वाहनों को नुकसान पहुंचा। राहत और बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।
लोकल ट्रेन सेवाओं पर भी असर
मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन सेवाएं भी बारिश की वजह से प्रभावित हुईं।
कुछ रूटों पर ट्रेनें देरी से चलीं, जबकि कई स्थानों पर पानी भरने के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से सावधानी बरतने और यात्रा से पहले अपडेट लेने की अपील की है।
मुंबई और पालघर में रेड अलर्ट

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई और पालघर जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।
इसके अलावा ठाणे, रायगढ़ और सिंधुदुर्ग जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटों तक भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।
प्रशासन ने लोगों को समुद्र तटों, जलभराव वाले इलाकों और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा मानसून

मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है।
तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय हो चुका है। अब अगले 2 से 3 दिनों के भीतर मानसून मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और गुजरात के बड़े हिस्सों तक पहुंच सकता है।
मध्य प्रदेश के 17 जिलों में मंगलवार को प्री-मानसून बारिश दर्ज की गई। वहीं उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है।
बिहार में बिजली गिरने से 11 लोगों की मौत
बिहार में मानसून पूर्व गतिविधियों के दौरान बिजली गिरने की घटनाएं सामने आई हैं।
मंगलवार को अलग-अलग जिलों में आकाशीय बिजली गिरने से 11 लोगों की मौत हो गई। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों में जाने से बचने की अपील की है।
7 राज्यों में अब भी गर्मी का असर

जहां देश के कई हिस्सों में बारिश हो रही है, वहीं कुछ राज्यों में गर्मी अभी भी लोगों को परेशान कर रही है।
मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, बिहार और गुजरात के कई शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया।
देश का सबसे गर्म शहर उत्तर प्रदेश का बांदा रहा, जहां अधिकतम तापमान 43.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
इसके अलावा राजस्थान के बीकानेर, जैसलमेर और बाड़मेर, झारखंड के डाल्टनगंज, गुजरात के राजकोट और मध्य प्रदेश के खजुराहो में भी तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार रहा।
अगले दो दिनों का मौसम अपडेट
25 जून
पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
तेलंगाना, सिक्किम, कोंकण-गोवा और तटीय कर्नाटक में भी भारी बारिश की संभावना है।
आंध्र प्रदेश, मराठवाड़ा, झारखंड और ओडिशा में भी तेज बारिश होने का अनुमान है।
मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में हीटवेव की चेतावनी जारी रहेगी।
26 जून
असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
तेलंगाना, कोंकण-गोवा और तटीय कर्नाटक के लिए ऑरेंज अलर्ट लागू रहेगा।
आंध्र प्रदेश, झारखंड और ओडिशा में भी तेज बारिश की संभावना जताई गई है।
मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और विदर्भ के कई जिलों में लगातार चौथे दिन हीटवेव का खतरा बना रहेगा।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह

मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने लोगों से मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की अपील की है।
विशेष रूप से भारी बारिश वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को जलभराव, पेड़ गिरने और बिजली गिरने जैसी घटनाओं से सावधान रहने को कहा गया है।
मानसून की यह शुरुआत जहां किसानों के लिए राहत लेकर आई है, वहीं शहरों में रहने वाले लोगों के लिए नई चुनौतियां भी लेकर आई है।
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