Updated

CJP का बड़ा ऐलान: 'जेपी नड्डा के साथ बैठक बेनतीजा रही, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जारी रहेगा प्रदर्शन'

दिल्ली में चल रहे CJP आंदोलन के बीच संगठन ने कहा है कि केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा के साथ हुई बैठक से कोई ठोस परिणाम नहीं निकला। CJP का कहना है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और आंदोलन जारी रहेगा।

CJP Protest
Updated: 7/21/2026, 6:01:49 AM
Fact Checked

This report has been reviewed.

CJP का बड़ा ऐलान: 'जेपी नड्डा के साथ बैठक बेनतीजा रही, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जारी रहेगा प्रदर्शन'

दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन के बीच Cockroach Janata Party (CJP) ने बड़ा बयान दिया है। संगठन के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के साथ हुई बैठक से कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

सोमवार को हुई बैठक के बाद भी सरकार की ओर से किसी आधिकारिक फैसले की घोषणा नहीं की गई, जिसके बाद CJP ने अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखने का फैसला किया।

'चार घंटे की बैठक बेनतीजा रही'

article

मीडिया से बातचीत में CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि जेपी नड्डा के साथ हुई बैठक से संगठन को कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला।

उन्होंने कहा कि आंदोलन जारी रहेगा और सरकार को प्रदर्शन स्थल पर आकर बातचीत करनी होगी। उनके अनुसार, संगठन अपनी प्रमुख मांगों से पीछे हटने वाला नहीं है।

CJP ने सरकार के सामने रखीं ये प्रमुख मांगें

article

जेपी नड्डा के साथ हुई बैठक में CJP प्रतिनिधिमंडल ने कई मांगें रखीं। संगठन के अनुसार, प्रमुख मांगें हैं:

  • सोनम वांगचुक की बिना शर्त रिहाई।
  • केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
  • कथित NEET पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा।
  • परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना।

संगठन का कहना है कि इन मांगों पर सरकार की ओर से अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

सोनम वांगचुक का अनशन जारी

आंदोलन से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक, जो फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं, ने भी संदेश जारी किया।

उन्होंने कहा कि उनका अनशन तब तक जारी रहेगा, जब तक छात्रों के प्रतिनिधियों को सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं मिलती या सांसद स्वयं अस्पताल आकर उनसे बातचीत नहीं करते।

सोमवार को CJP और उसके समर्थकों ने "संसद चलो" मार्च निकाला।

प्रदर्शनकारी संसद भवन की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन रास्ते में पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तनाव की स्थिति बन गई। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।

आंदोलन का मुख्य मुद्दा

CJP का कहना है कि उनका आंदोलन कथित NEET-UG पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर है।

संगठन का आरोप है कि इन मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार किए जाने चाहिए।

सरकार की ओर से क्या कहा गया?

article

बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की ओर से कहा गया कि प्रतिनिधिमंडल की मांगों पर उचित स्तर पर विचार किया जाएगा।

हालांकि सरकार की ओर से अभी तक किसी मांग को स्वीकार करने या कोई अंतिम फैसला लेने की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

Sources & References
  • Source
Get Daily News Updates

Join our newsletter and receive the latest breaking news, technology, politics and world updates directly in your inbox.

Comments
Comments feature UI is ready. Backend moderation/API can be connected later.
About the author

ayush

Senior content writer
Most Read