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NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं को लेकर देशभर में जारी छात्र आंदोलन के बीच केंद्र सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत का दौर जारी है। सरकार ने कुछ मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया है, लेकिन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
इस बीच दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद, पुणे और जयपुर सहित कई शहरों में छात्रों और विभिन्न संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन जारी रहे।
कई शहरों में हुए प्रदर्शन

शुक्रवार को हजारों छात्र और युवा विभिन्न शहरों में सड़कों पर उतरे।
कुछ स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति भी बनी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कोलकाता में पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए बल प्रयोग किया, जबकि दिल्ली और मुंबई में भी बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे।
सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे Cockroach Janta Party (CJP) के प्रतिनिधियों और केंद्र सरकार के मंत्रियों के बीच बातचीत हुई।
CJP के प्रवक्ताओं के अनुसार, सरकार ने कुछ मांगों पर सिद्धांततः सहमति जताई है। इनमें कथित तौर पर परीक्षा विवाद से प्रभावित परिवारों को सहायता देने और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई न करने जैसे मुद्दे शामिल हैं।
हालांकि, सरकार की ओर से इन सभी दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग बरकरार

CJP ने स्पष्ट किया है कि उसका मुख्य उद्देश्य केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा सुनिश्चित कराना है।
संगठन का कहना है कि जब तक इस मांग पर निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। सरकार ने इस मांग पर विचार करने के लिए और समय मांगा है तथा आगे भी वार्ता जारी रखने की बात कही है।
यह आंदोलन केवल कथित NEET पेपर लीक तक सीमित नहीं है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, रोजगार के अवसर और शिक्षा व्यवस्था में सुधार जैसे मुद्दों पर भी व्यापक बदलाव की आवश्यकता है।
प्रधानमंत्री पहले ही कर चुके हैं बड़ा ऐलान

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक के मामलों पर सख्त कानून लाने, फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का ऐलान किया था।
सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
विपक्ष भी सरकार पर हमलावर
विपक्षी दल लगातार संसद और सड़क दोनों जगह इस मुद्दे को उठा रहे हैं।
कांग्रेस समेत कई विपक्षी नेताओं ने परीक्षा अनियमितताओं पर सरकार से जवाबदेही तय करने और संसद में विस्तृत चर्चा कराने की मांग की है।
सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत का अगला दौर जल्द होने की संभावना है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या सरकार शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर कोई निर्णय लेती है या केवल परीक्षा सुधारों तक ही सीमित रहती है।
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