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भोपाल में कांग्रेस प्रदर्शन के दौरान युवक से मारपीट, जेबकतरी के आरोप के बीच बढ़ा विवाद; आरिफ मसूद ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई
दिल्ली में NEET परीक्षा विवाद और छात्रों के समर्थन में चल रहे विरोध प्रदर्शन की गूंज अब मध्य प्रदेश तक पहुंच गई है। राजधानी भोपाल में गुरुवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) कार्यालय की ओर पैदल मार्च निकाला।
इसी दौरान एक युवक के साथ मारपीट की घटना सामने आई, जिसने प्रदर्शन के बीच नया विवाद खड़ा कर दिया।
कांग्रेस का BJP कार्यालय तक मार्च
भोपाल जिला कांग्रेस कमेटी के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना ने किया।
करीब 200 से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए BJP कार्यालय की ओर बढ़े। पुलिस ने 5 नंबर बस स्टॉप के पास बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया।
युवक के साथ मारपीट, दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे

प्रदर्शन के दौरान एक युवक के साथ भीड़ द्वारा मारपीट किए जाने की घटना सामने आई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने युवक को भीड़ से बचाकर अस्पताल पहुंचाया।
मारपीट करने वाले कुछ लोगों का दावा था कि युवक जेबकतरी की कोशिश कर रहा था।
वहीं घायल युवक माज कुरैशी ने आरोप लगाया कि उस पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के समर्थकों ने हमला किया। उनका कहना है कि उन्होंने हाल ही में सोशल मीडिया पर विधायक की आलोचना की थी, जिसके कारण उन्हें निशाना बनाया गया।
इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।
आरिफ मसूद ने आरोपों से किया इनकार
विधायक आरिफ मसूद ने युवक के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस का प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था और मारपीट की घटना का आंदोलन से कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शन का उद्देश्य केवल छात्रों के समर्थन में आवाज उठाना और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करना था।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई

आरिफ मसूद ने कहा कि केंद्र सरकार छात्रों के मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखा रही है।
उन्होंने मांग की कि कथित परीक्षा अनियमितताओं के मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। उनका कहना था कि कांग्रेस छात्रों को न्याय मिलने तक अपना विरोध जारी रखेगी।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार के सामने कई मांगें रखीं, जिनमें शामिल हैं:
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
- कथित परीक्षा अनियमितताओं पर संसद में तत्काल चर्चा।
- दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर दर्ज मामलों और FIR वापस लेने की मांग।
- प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना।
राजनीतिक माहौल गरमाया
यह प्रदर्शन एक दिन पहले BJP द्वारा मध्य प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर किए गए विरोध प्रदर्शन के बाद आयोजित किया गया।
दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन, पुलिस कार्रवाई और विपक्षी नेताओं की हिरासत के बाद इस मुद्दे पर प्रदेश की राजनीति भी तेज हो गई है।
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