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India-US Trade Deal के विरोध में दिल्ली कूच करेंगे पंजाब के किसान, 21 जुलाई को होगी महापंचायत

प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (India-US Trade Deal) के विरोध में पंजाब के किसान 21 जुलाई को दिल्ली के किसान घाट पर महापंचायत करेंगे। किसान संगठनों का दावा है कि इस समझौते से छोटे किसानों, व्यापारियों और रोजगार पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

Punjab Farmers Mahapanchayat
Updated: 7/22/2026, 3:55:48 AM
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India-US Trade Deal के विरोध में दिल्ली कूच करेंगे पंजाब के किसान, 21 जुलाई को होगी महापंचायत

प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (India-US Trade Deal) के विरोध में पंजाब के किसानों ने दिल्ली की ओर कूच शुरू कर दिया है। 21 जुलाई को दिल्ली के किसान घाट पर आयोजित होने वाली महापंचायत में देशभर के सैकड़ों किसान संगठनों और सामाजिक संस्थाओं के शामिल होने की संभावना है।

इस महापंचायत का आयोजन देश बचाओ मोर्चा के बैनर तले किया जा रहा है। आयोजकों का दावा है कि देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में किसान और सामाजिक संगठन इसमें भाग लेंगे।

किसान नेताओं ने समझौते पर जताई चिंता

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दिल्ली रवाना होने से पहले किसान मजदूर संघर्ष समिति (पंजाब) के नेता गुरमनजीत सिंह बंदाला ने कहा कि प्रस्तावित व्यापार समझौता छोटे और सीमांत किसानों के हितों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

उनका आरोप है कि इस समझौते से अमेरिकी कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में अधिक पहुंच मिल सकती है, जिससे भारतीय किसानों के लिए प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल हो जाएगा।

छोटे किसानों पर पड़ सकता है असर: किसान संगठन

किसान नेताओं का कहना है कि अमेरिका में कृषि बड़े पैमाने पर की जाती है और वहां किसानों को सरकार की ओर से अधिक आर्थिक सहायता मिलती है।

इसके मुकाबले भारत में अधिकांश किसान छोटी जोत पर खेती करते हैं। उनका तर्क है कि यदि सस्ते विदेशी कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में आते हैं, तो छोटे किसानों की आय प्रभावित हो सकती है।

हालांकि, प्रस्तावित व्यापार समझौते के अंतिम प्रावधान अभी सार्वजनिक नहीं हुए हैं और सरकार की ओर से इन आशंकाओं पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया भी सामने नहीं आई है।

व्यापार और रोजगार पर भी जताई चिंता

किसान संगठनों का कहना है कि यह मुद्दा केवल कृषि तक सीमित नहीं है।

उनके अनुसार, यदि समझौता लागू होता है तो इसका असर छोटे व्यापारियों, स्थानीय उद्योगों और रोजगार के अवसरों पर भी पड़ सकता है। इसी कारण वे इस मुद्दे पर व्यापक जनसमर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।

दिल्ली में होगी महापंचायत

21 जुलाई को होने वाली महापंचायत में पंजाब के अलावा हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से भी किसानों के पहुंचने की उम्मीद है।

आयोजकों ने कहा है कि यदि रास्ते में प्रशासन उन्हें रोकता है, तो वे शांतिपूर्ण ढंग से वहीं धरना देकर अपनी बात रखेंगे।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

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किसान नेताओं ने कहा है कि यदि केंद्र सरकार प्रस्तावित व्यापार समझौते पर पुनर्विचार नहीं करती और उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

उनका कहना है कि यह महापंचायत केवल आंदोलन की शुरुआत है और आवश्यकता पड़ने पर देशभर में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।

फिलहाल केंद्र सरकार ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर किसानों की इन आशंकाओं पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

आगामी दिनों में व्यापार समझौते और किसानों की मांगों को लेकर सरकार की प्रतिक्रिया पर सभी की नजर रहेगी।

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