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तीसरे दिन भी नहीं थमा इंटर्न डॉक्टरों का प्रदर्शन
भोपाल में इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन बुधवार को तीसरे दिन भी जारी है। प्रदर्शन कर रहे डॉक्टर अपनी मांग पर अड़े हुए हैं और उन्होंने साफ किया है कि जब तक सरकार की ओर से लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा।
विरोध प्रदर्शन के चलते मेडिकल कॉलेज में बुधवार को OPD सेवाएं बंद रहेंगी। हालांकि, मरीजों को जरूरी इलाज में परेशानी न हो, इसके लिए इमरजेंसी सेवाएं पहले की तरह जारी रहेंगी।
₹14,337 से ₹30,000 स्टाइपेंड करने की मांग

इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें वर्तमान में हर महीने करीब ₹14,337 स्टाइपेंड मिलता है। डॉक्टर इसे बढ़ाकर ₹30,000 प्रति माह करने की मांग कर रहे हैं।
डॉक्टरों के मुताबिक यह मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। मांग पूरी नहीं होने पर उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू किया, जो अब लगातार तीसरे दिन तक पहुंच गया है। प्रदर्शनकारी डॉक्टरों का कहना है कि केवल मौखिक आश्वासन पर्याप्त नहीं होगा और सरकार को लिखित रूप में स्टाइपेंड बढ़ाने का भरोसा देना होगा।
CM हाउस के पास सड़क पर बैठे डॉक्टर
आंदोलन के दौरान इंटर्न डॉक्टरों ने कमला पार्क इलाके में सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन स्थल मुख्यमंत्री आवास से करीब 100 मीटर की दूरी पर बताया गया है।
सड़क पर प्रदर्शन के कारण इलाके में कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और डॉक्टरों से सड़क खाली करने की अपील की, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर कायम रहे।
स्थिति को देखते हुए प्रदर्शन स्थल के आसपास पुलिस बल बढ़ाया गया। यातायात को सामान्य बनाए रखने के लिए सड़क का एक हिस्सा वाहनों के लिए खोला गया। इसके बावजूद पॉलिटेक्निक चौराहे से रेतघाट के बीच यातायात धीमा रहा।
वॉटर कैनन और लाठीचार्ज के आरोप पर डॉक्टर नाराज

इंटर्न डॉक्टरों ने सोमवार को हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर भी नाराजगी जताई है। प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया और लाठीचार्ज भी किया।
डॉक्टरों ने इस पूरे मामले की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि अगर पुलिसकर्मी कार्रवाई के लिए जिम्मेदार पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ उचित कदम उठाया जाना चाहिए।
इसके अलावा प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों के लिए मुआवजे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी की गई है। डॉक्टरों ने कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से माफी की मांग भी रखी है।
जूनियर और सीनियर डॉक्टर भी आंदोलन के समर्थन में
इंटर्न डॉक्टरों के आंदोलन को अब जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन और वरिष्ठ डॉक्टरों का समर्थन भी मिल रहा है। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने प्रदर्शन के समर्थन में प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में OPD सेवाएं बंद रखने का आह्वान किया है।
वहीं, मेडिकल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राकेश मालवीय के अनुसार भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज से जुड़े हमीदिया अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर भी OPD सेवाओं से दूर रहेंगे।
हालांकि, गंभीर मरीजों को इलाज में परेशानी न हो, इसलिए इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी।
सरकार और डॉक्टरों के बीच बातचीत जारी

इंटर्न डॉक्टरों और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच विवाद को सुलझाने के लिए बातचीत चल रही है। प्रशासन की ओर से छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा किए जाने की बात कही गई है और जल्द समाधान निकलने की उम्मीद जताई गई है।
लेकिन प्रदर्शनकारी डॉक्टर फिलहाल पीछे हटने के मूड में नहीं हैं। उनका कहना है कि वे ₹14,337 से ₹30,000 स्टाइपेंड बढ़ाने का लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही आंदोलन समाप्त करने पर विचार करेंगे।
भोपाल के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेंद्र सिंह चौहान समेत पुलिस और प्रशासन के अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल OPD सेवाओं के बंद रहने से मरीजों को परेशानी हो सकती है, जबकि इमरजेंसी सेवाएं जारी रखी जाएंगी।
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