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भोपाल में आवासीय इलाकों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की सीलिंग और प्रतिष्ठान बंद कराने की कार्रवाई के बीच व्यापारियों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। अब कोलार व्यापारी महासंघ ने बुधवार को बंद का आह्वान किया है। इसके तहत कोलार रोड के व्यापारियों से अपनी दुकानें और अन्य प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की गई है।
व्यापारियों ने कोलार तिराहे से गोल जोड़ तक प्रतिष्ठान बंद रखने का निर्णय लिया है। हालांकि, मेडिकल स्टोर, पेट्रोल पंप जैसी आवश्यक सेवाओं को बंद से बाहर रखा गया है। व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष सुनील सिंह का कहना है कि सीलिंग की कार्रवाई से व्यापारियों के सामने मुश्किलें बढ़ रही हैं, इसलिए विरोध प्रदर्शन के जरिए सरकार तक अपनी बात पहुंचाई जाएगी।
सड़क पर उतरकर विरोध करेंगे व्यापारी
कोलार व्यापारी महासंघ के मुताबिक, बुधवार को सिर्फ बाजार बंद रखने तक ही विरोध सीमित नहीं रहेगा। व्यापारी सड़क पर उतरकर प्रदर्शन भी करेंगे। उनका कहना है कि लंबे समय से संचालित दुकानों और प्रतिष्ठानों पर अचानक कार्रवाई होने से कारोबार प्रभावित हो रहा है।
व्यापारियों की मांग है कि सरकार इस पूरे मामले का ऐसा व्यावहारिक समाधान निकाले, जिससे रहवासियों की समस्याओं का भी समाधान हो और वर्षों से कारोबार कर रहे व्यापारियों की रोजी-रोटी भी प्रभावित न हो।
नगर निगम तीसरे दिन भी करेगा कार्रवाई

इधर, व्यापारियों के विरोध के बावजूद नगर निगम ने कार्रवाई रोकने के संकेत नहीं दिए हैं। निगम की टीमें बुधवार को लगातार तीसरे दिन भी ऐसे प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई करेंगी, जहां आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने की शिकायत या जांच में सामने आई है।
अब तक करीब 170 प्रतिष्ठान बंद कराए जा चुके हैं। इनमें कुछ प्रतिष्ठानों को निगम की टीमों ने बंद कराया है, जबकि कई संचालकों ने कार्रवाई से पहले ही अपनी गतिविधियां बंद कर दी हैं।
मंगलवार को रोशनपुरा चौराहे पर हुआ था प्रदर्शन

इससे पहले मंगलवार को बड़ी संख्या में व्यापारियों ने रोशनपुरा चौराहे पर प्रदर्शन किया था। करीब चार घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के दौरान यातायात भी प्रभावित हुआ था।
व्यापारियों ने नगर निगम की कार्रवाई का विरोध करते हुए सरकार से राहत की मांग की थी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि इसी तरह कार्रवाई जारी रही तो बड़ी संख्या में छोटे कारोबारियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।
रहवासी भी व्यावसायिक गतिविधियां बंद कराने की मांग कर रहे
दूसरी ओर, इस मामले में रहवासी पक्ष की भी अपनी शिकायतें हैं। रहवासियों का कहना है कि आवासीय इलाकों में बड़े स्तर पर व्यावसायिक गतिविधियां होने से शोर, भीड़, ट्रैफिक और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होती है।
कुछ रहवासियों ने स्कूलों के आसपास बढ़ते ट्रैफिक को लेकर बच्चों की सुरक्षा पर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि आवासीय क्षेत्रों का इस्तेमाल निर्धारित नियमों के अनुसार ही होना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट में पेश की जाएगी कार्रवाई की रिपोर्ट
इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने वाले रहवासी विवेक त्रिपाठी ने नगर निगम की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि कार्रवाई समान रूप से नहीं की जा रही और बड़े तथा प्रभावशाली कारोबारियों को राहत मिल रही है, जबकि छोटे व्यापारियों पर ज्यादा कार्रवाई हो रही है।
उन्होंने कहा है कि नगर निगम की पूरी कार्रवाई की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के सामने रखी जाएगी। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष अलग हो सकता है और मामले में न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बढ़ी कार्रवाई

भोपाल में आवासीय भवनों के व्यावसायिक उपयोग और अवैध निर्माण से जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। अगस्त के पहले सप्ताह में हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार की ओर से गठित 10 सदस्यीय जांच समिति की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी।
इसके साथ ही मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से दुकान संचालकों को मिले राहत संबंधी आदेश भी निरस्त किए गए थे। सुप्रीम कोर्ट ने अपनी निगरानी में चल रही जांच में हस्तक्षेप को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए थे।
मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होनी है। इस दौरान नगर निगम को अपनी कार्रवाई से संबंधित रिपोर्ट भी पेश करनी है। इसी वजह से शहर के अलग-अलग इलाकों में नोटिस और प्रतिष्ठान बंद कराने की कार्रवाई तेज हुई है।
मुख्य मार्गों से लेकर नदी-तालाब के आसपास तक सर्वे
नगर निगम ने कार्रवाई के साथ-साथ शहर के अलग-अलग हिस्सों में सर्वे भी शुरू किया है। मुख्य मार्गों के दोनों तरफ और उनसे जुड़ी गलियों में बने भवनों की जांच की जा रही है।
इसके अलावा नदी और तालाब के किनारे, ग्रीन बेल्ट, बफर जोन और कैचमेंट एरिया में बने भवनों को भी प्राथमिकता के आधार पर जांचे जाने की बात कही गई है। अवैध मैरिज गार्डन के खिलाफ भी नोटिस जारी किए जाने की प्रक्रिया बताई गई है।
बुधवार को बंद से क्या असर पड़ेगा?
कोलार तिराहे से गोल जोड़ तक व्यापारिक प्रतिष्ठानों के बंद रहने से क्षेत्र में सामान्य कारोबारी गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। वहीं, व्यापारियों के सड़क पर प्रदर्शन करने की स्थिति में कुछ प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था पर भी असर पड़ने की संभावना है।
फिलहाल व्यापारियों का कहना है कि बंद और प्रदर्शन का उद्देश्य सरकार तक अपनी मांग पहुंचाना है। दूसरी तरफ नगर निगम की कार्रवाई भी जारी रहने की संभावना है। ऐसे में बुधवार को कोलार में व्यापारी विरोध और निगम की कार्रवाई आमने-सामने रहने वाली है।
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