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मध्य प्रदेश में फिर से लौटा मानसून अपने साथ झमाझम बारिश का दौर लेकर आया है। बीते दो दिन से प्रदेश के अधिकतर इलाकों में बादल झूमकर बरस रहे हैं। सोमवार आधी रात से शुरु हुआ बारिश का सिलसिला अब भी अधिकांश जिलों में जारी है। राजधानी भोपाल में भी रुक रुक कर बरदा बरस रहे हैं। वहीं, बीते 24 घंटों में सबसे अधिक बारिश सीधी जिले की मझौली तहसील में रिकॉर्ड हुई। यहां अबतक 124.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है।
वहीं मौसम विभाग ने आगामी चार दिनों के लिए प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है। जबकि, 48 घंटों के दौरान प्रदेश के 15 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है।
सीधी और रायसेन में दिखा बारिश का सबसे ज्यादा असर
मौसम विभाग के अनुसार, बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के सीधी जिले के सिहावल में 118.6 और रायसेन जिले के गैरतगंज में 118 मिमी बारिश दर्ज की गई है। जबकि, मऊगंज में 109.0, राजगढ़ 103.0, सागर के देवरी में 96.3, खुरई में 78.0 और बंडा में 74.0 मि.मी बारिश रिकॉर्ड हुई है। वहीं, रायसेन के देवरी में 72.1, गुना के चाचौड़ा और कुंभराज में 70 मि.मी, रायसेन में 66.6 और विदिशा के गंज बासौदा में 65.8 मि.मी बारिश दर्ज हुई। जबकि, भोपाल में हल्की और मध्यम बौछारों का सिलिला लगातार जारी है। रात तक जिले में 45 मि.मी बारिश दर्ज हो चुकी थी। जबकि, बारिश का सिलसिला रुक-रुककर बुधवार सुबह भी जारी है।
कई जिलों में मध्यम स्तर की बारिश
वहीं ग्वालियर, सागर, रीवा, शहडोल, जबलपुर और इंदौर संभाग के अधिकतर जिलों में मध्यम स्तर की वर्षा हुई। इससे तापमान में चार डिग्री तक की गिरावट आई है। वहीं बोवनी के बाद फसलों की सुरक्षा को लेकर परेशान किसानों के चेहरे पर मुस्कान आ गई है। बची हुई बोवनी अब तेजी से होगी।
48 घंटे एक्टिव रहेंगे कई सिस्टम
प्रदेश में अगले 24 से 48 घंटे तक मानसून के इसी तरह सक्रिय रहने की संभावना है। उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर बने ऊपरी हवा के चक्रवातीय परिसंचरण, प्रदेश से गुजर रही ट्रफ और छत्तीसगढ़-बंगाल की खाड़ी से नमी मिलने के कारण अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होगी। पूर्वी और मध्य हिस्सों में कहीं-कहीं भारी वर्षा तो वहीं पश्चिमी जिलों में मध्यम से तेज बारिश होने का अनुमान है।
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