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Amit Shah Bhopal Visit: आज भोपाल पहुंचेंगे अमित शाह, 35 हजार गोपालकों का सम्मेलन; डेयरी और विकास परियोजनाओं पर रहेगा फोकस

शॉर्ट समरी: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज, 2 अक्टूबर की रात भोपाल पहुंचेंगे। 3 अक्टूबर को भेल दशहरा मैदान में राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन में 35 हजार से अधिक गोपालक और दुग्ध सहकारी समितियों से जुड़े सदस्य शामिल होंगे। शाह के दौरे में डेयरी, पशुपालन, सहकारिता, नए आपराधिक कानून, उच्च शिक्षा और सड़क अधोसंरचना से जुड़े कार्यक्रम भी शामिल हैं।

Amit Shah Bhopal Visit
Updated: 10/2/2026, 4:28:44 AM
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शॉर्ट समरी: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज, 2 अक्टूबर की रात भोपाल पहुंचेंगे। 3 अक्टूबर को भेल दशहरा मैदान में राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन में 35 हजार से अधिक गोपालक और दुग्ध सहकारी समितियों से जुड़े सदस्य शामिल होंगे। शाह के दौरे में डेयरी, पशुपालन, सहकारिता, नए आपराधिक कानून, उच्च शिक्षा और सड़क अधोसंरचना से जुड़े कार्यक्रम भी शामिल हैं।

Amit Shah Bhopal Visit: करीब 23 घंटे भोपाल में रहेंगे अमित शाह

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 2 अक्टूबर की रात करीब 9 बजे भोपाल पहुंचेंगे। रिपोर्टों के मुताबिक उनका भोपाल प्रवास करीब 23 घंटे का रहेगा। वे रात में होटल ताज में रुकेंगे और 3 अक्टूबर को कई कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद रात करीब 8 बजे दिल्ली के लिए रवाना होंगे।

NewsSukhDukh के मुताबिक, अमित शाह का यह दौरा केवल एक सम्मेलन तक सीमित नहीं है। उनके कार्यक्रम में पशुपालन और डेयरी के साथ सहकारिता, पुलिसिंग, नए आपराधिक कानून, उच्च शिक्षा और सड़क परियोजनाओं से जुड़े कार्यक्रम भी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर दौरे की तैयारियों की समीक्षा की है। प्रशासन को सुरक्षा, यातायात, पेयजल, स्वच्छता और कार्यक्रम स्थल की अन्य व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

35 हजार से ज्यादा गोपालक जुटेंगे

अमित शाह के भोपाल दौरे का प्रमुख कार्यक्रम राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन है। यह सम्मेलन 3 अक्टूबर को भेल दशहरा मैदान में आयोजित होगा।

इसमें प्रदेशभर से 35 हजार से अधिक गोपालक और दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्य शामिल होने की जानकारी सामने आई है। भोपाल के अलावा सीहोर, बैतूल, राजगढ़, हरदा, गुना, अशोकनगर, शाजापुर, विदिशा, रायसेन और नर्मदापुरम समेत कई जिलों से प्रतिभागियों के पहुंचने की बात कही गई है।

सम्मेलन में प्रदेश में चल रहे कृषक कल्याण वर्ष के तहत हुए कामों और बलराम कृषि महोत्सव की जानकारी भी अमित शाह को दी जाएगी। गृह, पशुपालन एवं डेयरी, सहकारिता, लोक निर्माण और परिवहन विभाग की ओर से अपने कामों और योजनाओं का प्रस्तुतीकरण भी प्रस्तावित है।

पशुपालकों को बोनस और गौशालाओं को सहायता

गोपालक सम्मेलन के दौरान भोपाल और इंदौर दुग्ध संघों से जुड़े पशुपालकों को बोनस राशि वितरित किए जाने का कार्यक्रम है।

इसके साथ ही गौशालाओं के लिए आर्थिक सहायता देने, गोपालक दीदियों को सम्मानित करने और डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना के स्वीकृति पत्र वितरित करने की भी योजना है।

इस कार्यक्रम के जरिए पशुपालन और दुग्ध उत्पादन से जुड़े लोगों के लिए चल रही योजनाओं और सहकारी मॉडल से जुड़े कामों को सामने रखा जाएगा।

₹16.80 करोड़ का भोपाल डेयरी प्लांट भी अहम

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अमित शाह के दौरे में भोपाल दुग्ध संघ परिसर में तैयार फर्मेंटेड प्रोडक्ट डेयरी प्लांट भी प्रमुख कार्यक्रमों में शामिल है।

रिपोर्टों के अनुसार इस प्लांट को तैयार करने में ₹16.80 करोड़ खर्च हुए हैं। इसकी प्रसंस्करण क्षमता करीब 40 हजार लीटर प्रतिदिन बताई गई है। यहां दही, छाछ, लस्सी, श्रीखंड और मावा जैसे मूल्यवर्धित डेयरी उत्पाद तैयार करने की क्षमता विकसित की गई है।

इस तरह दूध को केवल कच्चे उत्पाद के रूप में बेचने के बजाय उससे तैयार होने वाले उत्पादों की प्रोसेसिंग और मार्केटिंग को बढ़ावा देने पर जोर दिखाई देता है।

उज्जैन में ₹255 करोड़ का डेयरी प्लांट प्रस्तावित

भोपाल के साथ उज्जैन में करीब ₹255 करोड़ की लागत वाले डेयरी प्लांट से जुड़ी परियोजना भी अमित शाह के दौरे में प्रमुख रूप से सामने आ रही है। इसके अलावा डेयरी परीक्षण और प्रसंस्करण से जुड़ी सुविधाओं का भी उल्लेख कार्यक्रम से संबंधित रिपोर्टों में किया गया है।

डेयरी सेक्टर में ऐसी परियोजनाओं का उद्देश्य दूध की प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने और मूल्यवर्धित उत्पादों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है।

नए आपराधिक कानूनों पर प्रदर्शनी भी होगी

अमित शाह के भोपाल दौरे में सिर्फ किसान और पशुपालन से जुड़े कार्यक्रम नहीं हैं। भेल दशहरा मैदान में नए आपराधिक कानूनों और पुलिसिंग व्यवस्था पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी भी तैयार की गई है।

इस प्रदर्शनी में अपराध की घटना से लेकर जांच और न्याय प्रक्रिया तक पुलिस, फॉरेंसिक, अभियोजन और जेल विभाग की भूमिका को प्रदर्शित किए जाने की जानकारी है। साइबर अपराध, ई-साक्ष्य और पुलिस आधुनिकीकरण से जुड़े काम भी इसमें दिखाए जाएंगे।

IISER और भोपाल वेस्टर्न बायपास भी एजेंडे में

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अमित शाह के कार्यक्रम में IISER के एट्री परिसर से जुड़ा कार्यक्रम भी शामिल है। भोपाल के भौरी क्षेत्र में प्रस्तावित परिसर के शिलान्यास और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा के अनावरण का कार्यक्रम रखा गया है।

इसके अलावा भोपाल वेस्टर्न बायपास से जुड़े भूमिपूजन कार्यक्रम का भी उल्लेख सामने आया है। यानी शाह के दौरे में ग्रामीण अर्थव्यवस्था के साथ शिक्षा और सड़क अधोसंरचना से जुड़े मुद्दों को भी शामिल किया गया है।

MP में Farmer ID का आंकड़ा 1.11 करोड़ से ज्यादा

मध्य प्रदेश में किसानों से जुड़ी डिजिटल व्यवस्था की बात करें तो राज्य विधानसभा में दिए गए सरकारी जवाब के अनुसार 30 जून 2026 तक 1,11,88,295 किसानों की Farmer ID बनाई जा चुकी थी। सरकार ने बताया था कि जिन किसानों की Farmer ID अभी नहीं बनी है, उनके लिए प्रक्रिया जारी है।

केंद्र सरकार के जुलाई 2026 के आंकड़ों में भी मध्य प्रदेश में 1.13 करोड़ से अधिक Farmer IDs बनने की जानकारी दी गई थी।

हालांकि, यहां एक जरूरी अंतर समझना चाहिए—Farmer ID की संख्या को किसान वोटरों की संख्या नहीं माना जा सकता। मतदाता सूची में लोगों को किसान या गैर-किसान के आधार पर वर्गीकृत नहीं किया जाता। इसलिए Farmer ID का आंकड़ा राजनीतिक रूप से किसान मतदाताओं की संख्या बताने वाला आंकड़ा नहीं है।

किसान और सहकारिता पर शाह का फोकस

अमित शाह केंद्रीय सहकारिता मंत्री भी हैं, इसलिए उनके भोपाल दौरे में सहकारी संस्थाओं और डेयरी नेटवर्क से जुड़े कार्यक्रमों का शामिल होना महत्वपूर्ण है।

डेयरी सहकारी समितियां ग्रामीण अर्थव्यवस्था में दूध उत्पादकों को बाजार, संग्रहण और प्रसंस्करण व्यवस्था से जोड़ने का काम करती हैं। ऐसे में पशुपालकों को बोनस, डेयरी प्लांट और मूल्यवर्धित उत्पादों से जुड़ी परियोजनाओं को एक ही कार्यक्रम में सामने रखा जा रहा है।

NewsSukhDukh के विश्लेषण के अनुसार, इस दौरे में घोषित या प्रस्तावित परियोजनाओं का वास्तविक असर समझने के लिए आगे इनके संचालन, क्षमता और लाभार्थियों तक पहुंच की जानकारी भी महत्वपूर्ण होगी।

मध्य प्रदेश में किसान और पशुपालन क्यों अहम?

मध्य प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में खेती के साथ पशुपालन भी कई परिवारों की आय का हिस्सा है। किसान परिवारों के लिए फसल के अलावा दूध उत्पादन जैसी गतिविधियां नियमित आय का जरिया बन सकती हैं।

इसी वजह से MSP, सिंचाई, बिजली, खाद-बीज, फसल बीमा, कृषि ऋण, मंडी व्यवस्था और पशुपालन जैसे मुद्दे ग्रामीण परिवारों से सीधे जुड़े रहते हैं।

राज्य सरकार ने 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में आगे बढ़ाया है। ऐसे में गोपालक सम्मेलन को इसी व्यापक किसान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े कार्यक्रमों के हिस्से के रूप में देखा जा सकता है।

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