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October 2026 New Rules: LPG, UPI, ATM, AC-TV और हवाई सफर से जुड़े 7 बड़े बदलाव, जानें आपकी जेब पर कितना असर

शॉर्ट समरी: अक्टूबर 2026 की शुरुआत के साथ LPG, UPI पेमेंट, SBI ATM, हवाई ईंधन, इलेक्ट्रॉनिक्स और बैंकिंग से जुड़े कई नियम और कीमतें बदली हैं। कमर्शियल LPG सिलेंडर महंगा हुआ है, घरेलू LPG पर बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी किया गया है और 15 अक्टूबर से चुनिंदा UPI मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर MDR लागू होगा। वहीं RBI की अक्टूबर बैठक में रेपो रेट पर भी फैसला होना है।

October 2026 New Rules
Updated: 10/1/2026, 5:17:49 AM
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शॉर्ट समरी: अक्टूबर 2026 की शुरुआत के साथ LPG, UPI पेमेंट, SBI ATM, हवाई ईंधन, इलेक्ट्रॉनिक्स और बैंकिंग से जुड़े कई नियम और कीमतें बदली हैं। कमर्शियल LPG सिलेंडर महंगा हुआ है, घरेलू LPG पर बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी किया गया है और 15 अक्टूबर से चुनिंदा UPI मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर MDR लागू होगा। वहीं RBI की अक्टूबर बैठक में रेपो रेट पर भी फैसला होना है।

October 2026 New Rules: अक्टूबर में बदल गए ये 7 नियम

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अक्टूबर महीने की शुरुआत के साथ आम लोगों और कारोबारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू हुए हैं। इनमें LPG सिलेंडर, Aadhaar e-KYC, UPI पेमेंट, एविएशन फ्यूल, इलेक्ट्रॉनिक सामान, RBI की मौद्रिक नीति और SBI ATM ट्रांजेक्शन शामिल हैं।

इनमें कुछ बदलाव सीधे 1 अक्टूबर से लागू हो गए हैं, जबकि UPI MDR जैसे बदलाव महीने के बीच में लागू होंगे।

आइए आसान भाषा में जानते हैं कि इन 7 बदलावों का आपकी जेब और रोजमर्रा के खर्च पर क्या असर पड़ सकता है।

1. कमर्शियल LPG सिलेंडर ₹70 तक महंगा

1 अक्टूबर 2026 से 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। अलग-अलग शहरों में यह बढ़ोतरी करीब ₹62.50 से ₹71.50 प्रति सिलेंडर तक है। दिल्ली में 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹2,747.50 से बढ़कर ₹2,810 हो गई है। वहीं कुछ अन्य शहरों में बढ़ोतरी ₹70 से ज्यादा रही है।

हालांकि, 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में इस बार बदलाव नहीं किया गया है। यानी घरेलू रसोई गैस इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को इस बदलाव से सीधे अतिरिक्त भुगतान नहीं करना होगा।

इसका क्या असर होगा?

कमर्शियल सिलेंडर का इस्तेमाल रेस्टोरेंट, होटल, ढाबे, कैटरिंग और दूसरे व्यवसायों में होता है। इसलिए उनके ईंधन खर्च में बढ़ोतरी हो सकती है। इसका असर आगे चलकर खाने-पीने की कुछ चीजों की कीमतों पर दिखाई दे सकता है, हालांकि हर व्यवसाय कीमत बढ़ाएगा, यह जरूरी नहीं है।

2. LPG सब्सिडी के लिए Biometric Aadhaar Authentication जरूरी

1 अक्टूबर 2026 से घरेलू LPG ग्राहकों के लिए Biometric Aadhaar Authentication (BAA) का नियम लागू हो गया है। सब्सिडी के साथ निर्धारित रिटेल प्राइस पर LPG रिफिल बुक करने के लिए आधार बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन पूरा होना जरूरी है।

सरकार के मुताबिक करीब 27.43 करोड़ LPG उपभोक्ता यानी 89.9% पहले ही यह ऑथेंटिकेशन पूरा कर चुके हैं। जिन लोगों का BAA पहले हो चुका है, उन्हें दोबारा करने की जरूरत नहीं है।

e-KYC नहीं कराया तो क्या होगा?

यह समझना जरूरी है कि गैस कनेक्शन या LPG की सप्लाई पूरी तरह बंद नहीं होगी। बिना BAA वाले ग्राहक निर्धारित सब्सिडी वाले रेट पर रिफिल लेने के लिए पहले ऑथेंटिकेशन पूरा कर सकते हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार कुछ मामलों में ग्राहक LPG बाजार मूल्य पर भी प्राप्त कर सकते हैं।

Biometric authentication डिलीवरी के समय, LPG डिस्ट्रीब्यूटर के शोरूम पर या संबंधित तेल कंपनी के मोबाइल ऐप से पूरा किया जा सकता है।

3. UPI पर नया Merchant Charge 15 अक्टूबर से

UPI इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि 15 अक्टूबर 2026 से चुनिंदा Person-to-Merchant (P2M) UPI ट्रांजेक्शन पर MDR लागू होगा।

मानक पात्र मर्चेंट ट्रांजेक्शन में ₹2,000 से ज्यादा के भुगतान पर 0.4% MDR लागू होगा। ₹75,000 या उससे ज्यादा के ट्रांजेक्शन पर MDR की अधिकतम सीमा ₹300 प्रति ट्रांजेक्शन रहेगी।

छोटे मर्चेंट, जिनकी पात्र UPI QR प्राप्तियां महीने में ₹1 लाख तक हैं, उनके लिए MDR से छूट जारी रहेगी। वहीं Person-to-Person यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किए जाने वाले UPI ट्रांजेक्शन पर MDR नहीं लगेगा।

क्या ग्राहक से UPI चार्ज लिया जाएगा?

नहीं। यह Merchant Discount Rate है, जो मर्चेंट पेमेंट व्यवस्था से जुड़ा शुल्क है। ग्राहक से सीधे UPI पेमेंट के नाम पर यह MDR वसूलने का प्रावधान नहीं है।

इसलिए अगर आप किसी दुकान पर ₹5,000 का UPI पेमेंट करते हैं, तो आपके खाते से ₹5,000 ही डेबिट होंगे। संबंधित MDR मर्चेंट साइड पर लागू होगा।

4. ATF महंगा, हवाई यात्रा पर पड़ सकता है असर

अक्टूबर की शुरुआत में Aviation Turbine Fuel यानी ATF की कीमत में भी बढ़ोतरी हुई है। घरेलू एयरलाइंस के लिए ATF की कीमत करीब ₹121 से बढ़कर ₹137 प्रति लीटर हो गई है। यानी लगभग ₹16 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है।

एयरलाइंस के कुल ऑपरेटिंग खर्च में ईंधन की बड़ी हिस्सेदारी होती है। ऐसे में ATF महंगा होने से एयरलाइंस की लागत बढ़ सकती है।

हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि हर फ्लाइट का किराया तुरंत ₹16 या किसी तय रकम से बढ़ जाएगा। टिकट की कीमतें एयरलाइन, रूट, मांग, सीट उपलब्धता और अन्य लागतों पर निर्भर करती हैं।

5. AC, TV, फ्रिज और वॉशिंग मशीन की कीमतें बढ़ीं

त्योहारी सीजन से पहले AC, LED TV, वॉशिंग मशीन और दूसरे consumer electronics की कीमतों में बढ़ोतरी शुरू हो गई है।

रिपोर्टों के मुताबिक कई कंपनियों ने 1 अक्टूबर से कीमतों में करीब 5% से 8% तक की बढ़ोतरी की है। यह 2026 में इस सेक्टर में तीसरी बड़ी कीमत बढ़ोतरी बताई जा रही है।

कंपनियों ने इसके पीछे कॉपर, स्टील, एल्युमीनियम, क्रूड से जुड़े कच्चे माल, फ्रेट कॉस्ट और करेंसी में उतार-चढ़ाव जैसी लागतों को प्रमुख कारण बताया है।

क्या दिवाली से पहले सस्ता सामान मिल सकता है?

कुछ ग्राहकों को पुराने स्टॉक का फायदा मिल सकता है। डीलर्स के पास पहले से खरीदा गया स्टॉक मौजूद होने के कारण कुछ उत्पाद पुरानी कीमत पर उपलब्ध रह सकते हैं। हालांकि यह दुकान, ब्रांड और मॉडल पर निर्भर करेगा।

6. RBI की बैठक में रेपो रेट पर फैसला

भारतीय रिजर्व बैंक की Monetary Policy Committee (MPC) की अक्टूबर बैठक 5 से 7 अक्टूबर 2026 के बीच होनी है। रेपो रेट पर फैसला 7 अक्टूबर को सामने आएगा।

अगस्त की बैठक के बाद रेपो रेट 5.25% पर था।

बाजार में इस बार रेट बढ़ने की संभावना को लेकर चर्चा है, लेकिन अंतिम फैसला RBI की MPC ही करेगी। Reuters के 28 सितंबर के सर्वे में करीब 60% अर्थशास्त्रियों ने 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की उम्मीद जताई थी। यह बाजार/अर्थशास्त्रियों का अनुमान है, RBI का घोषित फैसला नहीं।

अगर रेपो रेट बढ़ा तो क्या होगा?

रेपो रेट बढ़ने पर बैंकों की फंडिंग लागत बढ़ सकती है और इसका असर कुछ फ्लोटिंग-रेट वाले होम लोन, कार लोन और अन्य कर्ज की ब्याज दरों पर पड़ सकता है।

इसके विपरीत, अगर RBI रेट में कटौती करता है तो कुछ लोन की EMI या ब्याज लागत कम होने की संभावना बन सकती है।

7. SBI Salary Account वालों के लिए ATM नियम बदला

1 अक्टूबर 2026 से SBI Salary Package Account holders के लिए दूसरे बैंकों के ATM और ADWM मशीनों पर मिलने वाले फ्री ट्रांजेक्शन की संख्या घटाकर 5 प्रति माह कर दी गई है। पहले यह सीमा 10 ट्रांजेक्शन थी। यह सीमा सभी सेंटरों पर लागू होगी और इसमें financial तथा non-financial transactions शामिल हैं।

SBI के उपलब्ध शुल्क दस्तावेज के अनुसार, फ्री लिमिट के बाद दूसरे बैंक के ATM पर वित्तीय ट्रांजेक्शन के लिए लागू शुल्क ₹21 + GST प्रति ट्रांजेक्शन हो सकता है।

वहीं BSBD यानी Basic Savings Bank Deposit Account में चार cash withdrawals तक मुफ्त हैं, इसके बाद ₹15 + GST प्रति ट्रांजेक्शन का शुल्क लागू रहता है।

इसलिए ₹15 + GST वाले शुल्क को सभी SBI Salary Account holders पर लागू मानना सही नहीं होगा।

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