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RKMP पर यूरिनल के लिए भी देना पड़ रहा शुल्क
भोपाल का रानी कमलापति रेलवे स्टेशन देश के प्रमुख आधुनिक और निजी तौर पर प्रबंधित रेलवे स्टेशनों में शामिल है। स्टेशन के पुनर्विकास के बाद यहां यात्रियों को कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
लेकिन अब स्टेशन की पे एंड यूज टॉयलेट व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यहां यात्रियों से यूरिनल इस्तेमाल करने के लिए ₹5, टॉयलेट के लिए ₹10 और स्नान के लिए ₹15 लिए जा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक स्टेशन पर ऐसे करीब 5 पे एंड यूज टॉयलेट हैं और रोजाना 2,500 से अधिक यात्री इनका इस्तेमाल करते हैं।
NRUCC सदस्य ने DRM को लिखा पत्र
राष्ट्रीय रेल उपयोगकर्ता सलाहकार परिषद (NRUCC) के सदस्य नितेश लाल ने इस शुल्क व्यवस्था को लेकर भोपाल मंडल के DRM को पत्र लिखा है।
उन्होंने मांग की है कि यूरिनल की सुविधा तत्काल नि:शुल्क की जाए और पे एंड यूज टॉयलेट की सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए।
नितेश लाल का कहना है कि यात्री रेलवे का किराया देकर यात्रा करते हैं। ऐसे में यूरिनल जैसी मूलभूत सुविधा के लिए अलग से शुल्क लेना यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ डालता है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शुल्क लेने के बावजूद कई बार शौचालयों में गंदगी और बदबू की शिकायतें सामने आती हैं। इसलिए केवल शुल्क वसूलना ही नहीं, बल्कि यात्रियों को साफ और बेहतर सुविधा देना भी जरूरी है।
रेलवे ने कहा- प्लेटफॉर्म पर यूरिनल मुफ्त

इस मामले में रेलवे की ओर से अलग स्थिति बताई गई है। रेलवे अधिकारी मोहित समैया के मुताबिक प्लेटफॉर्म पर यूरिनल की सुविधा नि:शुल्क है।
रेलवे का कहना है कि पे एंड यूज सुविधा के तहत जो शुल्क लिया जा रहा है, वह निर्धारित व्यवस्था के अनुसार है।
इसका मतलब है कि RKMP पर हर यूरिनल इस्तेमाल के लिए शुल्क जरूरी नहीं है, बल्कि संबंधित पे एंड यूज सुविधा में यह शुल्क लिया जा रहा है।
यात्री बोले- छोटी सुविधा के लिए भी शुल्क क्यों?
जबलपुर से RKMP पहुंचे यात्री शैलेश ने यूरिनल इस्तेमाल करने के लिए ₹5 दिए। उन्होंने कहा कि आम यात्री पहले ही यात्रा, भोजन और अन्य खर्च उठाता है। ऐसे में छोटी-छोटी मूलभूत सुविधाओं के लिए भी अलग शुल्क लेना अतिरिक्त बोझ है।
उनके मुताबिक जबलपुर और सतना जैसे स्टेशनों पर यूरिनल के लिए इस तरह का शुल्क नहीं लिया जाता। उन्होंने कहा कि RKMP पर सुविधाएं साफ-सुथरी हैं, लेकिन मूलभूत सुविधा के लिए शुल्क पर दोबारा विचार किया जाना चाहिए।
RKMP का टेंडर भोपाल मंडल ने नहीं, RLDA ने किया
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक RKMP की व्यवस्था सामान्य रेलवे स्टेशनों से कुछ अलग है।
स्टेशन के पुनर्विकास और व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े अधिकार Rail Land Development Authority (RLDA) के टेंडर मॉडल के तहत दिए गए हैं। RKMP को PPP मॉडल के तहत विकसित किया गया था और इसके संचालन एवं व्यावसायिक गतिविधियों में निजी डेवलपर की भूमिका है।
रेलवे के मुताबिक स्टेशन के विकास में निवेश करने वाले डेवलपर को तय अवधि के लिए कुछ व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने के अधिकार दिए जाते हैं।
डेवलपर को कमर्शियल गतिविधियों के अधिकार

इस मॉडल में स्टेशन के विकास के लिए निजी निवेश किया जाता है। इसके बदले डेवलपर को तय अवधि तक पार्किंग, विज्ञापन, कैटरिंग और अन्य कमर्शियल गतिविधियों से राजस्व अर्जित करने की अनुमति दी जाती है।
RKMP के मामले में भी पे एंड यूज जैसी सुविधाएं इसी व्यावसायिक व्यवस्था का हिस्सा हैं।
रेलवे की मुख्य जिम्मेदारियों में ट्रेन संचालन और यात्री सेवाओं से जुड़ी प्रमुख व्यवस्थाएं शामिल हैं, जबकि स्टेशन की कुछ कमर्शियल गतिविधियां टेंडर की शर्तों के अनुसार संचालित होती हैं।
क्या रेलवे स्टेशनों पर पे एंड यूज टॉयलेट की अनुमति है?
रेलवे स्टेशनों पर पे एंड यूज टॉयलेट की व्यवस्था नई नहीं है। रेलवे ने अलग-अलग स्टेशनों पर यात्रियों को स्वच्छ शौचालय उपलब्ध कराने के लिए पे एंड यूज मॉडल का इस्तेमाल किया है। रेलवे के पुराने दिशा-निर्देशों में भी ऐसे टॉयलेट के लिए शुल्क व्यवस्था का प्रावधान रहा है।
हालांकि, शुल्क की राशि और यूरिनल मुफ्त है या शुल्क योग्य, यह संबंधित स्टेशन और लागू टेंडर/व्यवस्था पर निर्भर कर सकता है।
इसी वजह से RKMP पर ₹5 यूरिनल शुल्क को लेकर उठे सवाल का जवाब स्टेशन पर लागू मौजूदा टेंडर शर्तों और शुल्क सूची से ही स्पष्ट होगा।
अब मांग- यूरिनल मुफ्त हो और सफाई बेहतर हो
NRUCC सदस्य की मांग के बाद अब मुख्य सवाल यह है कि RKMP पर पे एंड यूज सुविधा में यूरिनल के लिए शुल्क जारी रहेगा या इसे मुफ्त किया जाएगा।
यात्रियों की ओर से भी यह मांग उठ रही है कि यदि किसी सुविधा के लिए शुल्क लिया जाता है तो उसके बदले साफ-सफाई, पानी, रोशनी और नियमित रखरखाव सुनिश्चित होना चाहिए।
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