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ITR-2 Filing 2026 शुरू: सैलरी के अलावा कमाई है तो जानिए कैसे भरें टैक्स रिटर्न

Income Tax Department ने असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए ITR-2 फॉर्म की एक्सेल यूटिलिटी जारी कर दी है। अब टैक्सपेयर्स ऑनलाइन पोर्टल से फॉर्म डाउनलोड कर अपना टैक्स रिटर्न तैयार कर सकते हैं। रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है।

ITR-2 Filing 2026
Updated: 5/28/2026, 4:18:20 AM
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ITR-2 फाइलिंग 2026 शुरू, टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी अपडेट

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Income Tax Department ने असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए ITR-2 फॉर्म की एक्सेल यूटिलिटी लाइव कर दी है।

अब टैक्सपेयर्स इनकम टैक्स पोर्टल से फॉर्म डाउनलोड करके अपना टैक्स कैलकुलेशन तैयार कर सकते हैं।

इससे पहले विभाग:

  • ITR-1
  • ITR-4

की सुविधा भी शुरू कर चुका है।

किन लोगों को भरना होता है ITR-2?

अगर आपकी कमाई सिर्फ सैलरी तक सीमित नहीं है, तो आपको ITR-2 भरना पड़ सकता है।

ITR-2 आमतौर पर उन लोगों के लिए होता है जिनकी आय:

  • सैलरी
  • शेयर मार्केट
  • कैपिटल गेन
  • एक से ज्यादा प्रॉपर्टी
  • विदेशी इनकम

जैसे स्रोतों से होती है।

बिना इंटरनेट भी तैयार कर सकते हैं रिटर्न

अब टैक्सपेयर्स:

  • एक्सेल फाइल डाउनलोड कर सकते हैं
  • ऑफलाइन डेटा भर सकते हैं
  • बाद में JSON फाइल बनाकर पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं

अगर आप पहली बार ITR भर रहे हैं, तो:

  • PAN
  • Aadhaar

के जरिए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना जरूरी होगा।

31 जुलाई है आखिरी तारीख

सामान्य टैक्सपेयर्स के लिए:

  • ITR फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है।

अगर कोई इस तारीख तक रिटर्न नहीं भरता, तो:

  • 31 दिसंबर तक
  • जुर्माना देकर

बिलेटेड रिटर्न फाइल किया जा सकता है।

वहीं बिजनेस कैटेगरी के कुछ टैक्सपेयर्स के लिए अंतिम तारीख 31 अगस्त रखी गई है।

एक्सपर्ट बोले- 15 जून से पहले जल्दबाजी न करें

विशेषज्ञों का कहना है कि नौकरीपेशा लोगों को जल्दी ITR फाइल करने से बचना चाहिए।

क्योंकि:

  • कंपनियों को TDS डेटा जमा करने के लिए 31 मई तक का समय मिलता है
  • इसके बाद डेटा अपडेट होने में 10-15 दिन लग सकते हैं

अगर आप बहुत जल्दी रिटर्न भरते हैं, तो:

  • डेटा मिसमैच
  • रिफंड में देरी

जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

रिटर्न भरने से पहले ये जरूरी चीजें चेक करें

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ITR फाइल करने से पहले:

  • Form 16 जरूर लें
  • AIS/TIS डेटा चेक करें
  • मोबाइल नंबर PAN और Aadhaar से लिंक रखें

इससे:

  • ई-वेरिफिकेशन
  • रिफंड प्रोसेस

आसान हो जाता है।

AIS और TIS क्यों जरूरी हैं?

AIS (Annual Information Statement) और TIS (Taxpayer Information Summary) में:

  • बैंक ब्याज
  • शेयर मार्केट ट्रांजैक्शन
  • अन्य इनकम

का पूरा रिकॉर्ड दिखाई देता है।

अगर यहां कोई गलती हो, तो बाद में नोटिस भी आ सकता है।

समय पर ITR भरने के फायदे

समय पर टैक्स रिटर्न भरने से:

  • जल्दी रिफंड मिलता है
  • लोन अप्रूवल आसान होता है
  • वित्तीय रिकॉर्ड मजबूत रहता है

Sources & References
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