This report has been reviewed.
भारत और ब्रिटेन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट लागू होने की तारीख तय

भारत और ब्रिटेन के बीच लंबे समय से चर्चा में रहा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) अब 15 जुलाई 2026 से आधिकारिक रूप से लागू होने जा रहा है। फ्रांस के एवियन में आयोजित G7 Summit के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इसकी घोषणा की।
यह समझौता दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। इसके जरिए व्यापारिक बाधाओं को कम किया जाएगा और कई उत्पादों पर आयात-निर्यात शुल्क में राहत मिलेगी।
एक साल पहले हुआ था समझौते पर हस्ताक्षर
भारत और ब्रिटेन के बीच इस समझौते पर 24 जुलाई 2025 को हस्ताक्षर किए गए थे। अब इसकी औपचारिक शुरुआत 15 जुलाई 2026 से होगी।
इस घोषणा के बाद कारोबारियों और उद्योगों को नई व्यवस्था के लिए करीब 28 दिनों का समय मिलेगा, ताकि वे बदलते नियमों के अनुसार अपनी तैयारियां पूरी कर सकें।
भारतीय निर्यातकों को मिलेगा बड़ा फायदा
FTA लागू होने के बाद भारतीय कपड़ा उद्योग, फुटवियर सेक्टर और कुछ खाद्य उत्पादों को ब्रिटेन के बाजार में बेहतर पहुंच मिलने की उम्मीद है।
ब्रिटेन इन उत्पादों पर लगने वाले टैरिफ को कम करेगा, जिससे भारतीय कंपनियों की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और निर्यात में तेजी आ सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे छोटे और मध्यम उद्योगों (MSME) को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए राहत

समझौते का सबसे बड़ा फायदा उन भारतीय प्रोफेशनल्स को होगा जो ब्रिटेन में काम करते हैं।
नई व्यवस्था के तहत भारतीय कर्मचारियों को दोहरे सोशल सिक्योरिटी योगदान (Double Social Security Contribution) से राहत मिलेगी। पहले यह छूट 36 महीने तक मिलती थी, जिसे अब बढ़ाकर 60 महीने कर दिया गया है।
इससे भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स, इंजीनियर्स और अन्य विशेषज्ञों को आर्थिक लाभ मिलेगा।
ब्रिटिश व्हिस्की होगी सस्ती
FTA के तहत भारत में ब्रिटिश व्हिस्की पर लगने वाला आयात शुल्क धीरे-धीरे कम किया जाएगा।
मौजूदा 150% शुल्क को घटाकर 40% तक लाने का प्रावधान किया गया है। इससे आने वाले समय में ब्रिटेन की प्रीमियम व्हिस्की भारतीय बाजार में पहले की तुलना में सस्ती हो सकती है।
ऑटोमोबाइल सेक्टर को भी फायदा

समझौते के तहत कोटा प्रणाली के भीतर ब्रिटिश ऑटोमोबाइल्स पर लगने वाला आयात शुल्क 100% से घटाकर 10% किया जाएगा।
इससे भारत में कुछ ब्रिटिश कार ब्रांड्स की कीमतों पर असर पड़ सकता है और ग्राहकों को अधिक विकल्प मिल सकते हैं।
मोदी ने बताया ऐतिहासिक समझौता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते को भारत-ब्रिटेन संबंधों के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
उन्होंने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के व्यापार, निवेश और रोजगार को नई गति देगा तथा भविष्य में आर्थिक सहयोग को और मजबूत करेगा।
वहीं ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भी इसे दोनों देशों के लिए लाभदायक और दीर्घकालिक साझेदारी की दिशा में बड़ा कदम बताया।
भारत-ब्रिटेन व्यापार पर क्या होगा असर?
विशेषज्ञों के अनुसार यह समझौता आने वाले वर्षों में भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापारिक गतिविधियों को नई ऊंचाई पर पहुंचा सकता है।
कपड़ा, खाद्य उत्पाद, सेवाएं, टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और निवेश जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाएं खुलने की उम्मीद है। साथ ही दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग और मजबूत हो सकता है।
- Source

