Fact Checked
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- मध्य प्रदेश के राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द (Meenakshi Natarajan Nomination) होने के बाद पार्टी ने मोर्चा संगठनों को सभी जिलों में प्रदर्शन के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद 22 जिलों में एनएसयूआइ (NSUI) के जिलाध्यक्षों ने इसमें रुचि नहीं दिखाई और प्रदर्शन नहीं किए गए। इसके लिए इन जिलाध्यक्षों को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब तलब किया गया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
- कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देशानुसार एनएसयूआइ को 16 जून को जिला स्तर पर मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करने के खिलाफ पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित करना था। इसके बावजूद प्रदेश के 22 जिलों में इस निर्देश के पालन में कोई प्रदर्शन नहीं हुआ। इस पर सख्ती दिखाते हुए प्रदेशाध्यक्ष के निर्देश पर एनएसयूआइ के कार्यालय सचिव घनश्याम हारोड़े ने जिलाध्यक्षों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसमें लिखा गया है आपके द्वारा उक्त कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया, जिससे आपकी संगठन के प्रति घोर लापरवाही एवं उदासीनता प्रतीत होती है।
- इंदौर सहित इन जिलाध्यक्षों को भेजा नोटिस
- मुरैना से हर्ष कंषाना, दतिया से ऋषभराजा गुर्जर, सागर से अक्षत कोठारी, टीकमगढ़ से अंकित कश्यप, निवाड़ी से धीरेंद्र बुंदेला, दमोह से शुभम तिवारी, सीधी से सौरभ सिंह, कटनी से शुभम मिश्रा, नरसिंहपुर से ईशान राय, डिंडौरी से शुभम मरावी, मंडला से सौरभ साहू,सिवनी से धनंजय सिंह, बैतूल से जैद खान, देवास से श्रीकांत चौहान, उज्जैन से हिमांशु शर्मा, शाजापुर से मनीष पंवार, नीमच से महेश यादव, इंदौर से रजत पटेल, खरगोन से अक्षय रघुवंशी, बड़वानी से शक्ति मालवीय और आलीराजपुर से दीपक चौहान।
- भाजपा का तंज- कांग्रेस की नौटंकी से खुद कार्यकर्ता सहमत नहीं
- भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने तंज कसते हुए कहा कि राज्यसभा में कांग्रेस पार्टी की नौटंकी से उन्हीं के कार्यकर्ता तक सहमत नहीं है। हालात ऐसे हैं कि 22 जिलों के एनएसयूआई जिला अध्यक्षों से पूछा जा रहा है, आखिर आंदोलन क्यों नहीं किया। जिस पार्टी को अपने कार्यकर्ताओं को आंदोलन के लिए नोटिस देना पड़े, वह जनता का विश्वास कैसे जीतेगी।
- भाजपा की आपत्ति के बाद निरस्त हुआ था नामांकन
- बता दें कि, नामांकन दाखिल करने की आखरी तिथि 8 जून को कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन ने अपना पर्चा दाखिल किया था। इसके बाद भाजपा ने 10 जून को मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर आपत्ति दर्ज कराई थी। भाजपा ने अपनी आपत्ति में बताया था कि मीनाक्षी ने अपने पर्चे में तेलंगाना में उनके खिलाफ चल रहे कथित आपराधिक मामले का उल्लेख नहीं किया था। इस मामले में कोर्ट द्वारा भेजा गया नोटिस भी शामिल था। भाजपा की आपत्ति को सही मानते हुए निर्वाचन अधिकारी अरविंद शर्मा ने उनका नामांकन रद्द कर दिया था। इसके बाद एमपी कांग्रेस ने प्रदेश के सभी जिलों में भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करने का फैसला किया था।
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