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IIT Admission 2026: CBSE री-इवैल्यूएशन वाले छात्रों को नहीं मिलेगी राहत? JAB चेयरमैन ने दिया बड़ा अपडेट

JEE Advanced 2026 क्वालिफाई कर चुके हजारों छात्र CBSE 12वीं री-इवैल्यूएशन के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। इसी बीच IIT प्रवेश प्रक्रिया में एक बार की छूट (One-Time Relaxation) की मांग उठी थी। अब Joint Admission Board (JAB) के चेयरमैन और IIT रुड़की के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत ने इस पर बड़ा बयान दिया है।

IIT Admission 2026
Updated: 6/6/2026, 2:48:44 PM
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IIT Admission 2026: CBSE री-इवैल्यूएशन वाले छात्रों को नहीं मिलेगी राहत?

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JEE Advanced 2026 में सफलता हासिल करने वाले हजारों छात्र इस समय एक नई चिंता से गुजर रहे हैं। कई उम्मीदवारों ने CBSE 12वीं बोर्ड परीक्षा में री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन किया है और उनके संशोधित परिणाम अभी आने बाकी हैं। इसी बीच JoSAA काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिससे छात्रों की चिंता और बढ़ गई है।

कई छात्रों और अभिभावकों ने मांग की थी कि इस साल IIT प्रवेश के लिए 12वीं के अंकों की पात्रता में एक बार की छूट दी जाए। अब इस मांग पर Joint Admission Board (JAB) की ओर से बड़ा अपडेट आया है।

JAB ने क्या कहा?

JAB के चेयरमैन और IIT रुड़की के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत ने साफ किया है कि इस वर्ष 12वीं के अंकों की पात्रता में कोई छूट नहीं दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि IIT प्रवेश के नियम पहले ही घोषित किए जा चुके थे और देशभर के 36 विभिन्न शिक्षा बोर्डों के छात्र इसी प्रक्रिया के तहत आवेदन कर रहे हैं। ऐसे में किसी एक समूह को राहत देना अन्य उम्मीदवारों के साथ न्यायसंगत नहीं होगा।

छात्रों ने क्यों मांगी थी राहत?

कई छात्रों का कहना था कि उन्होंने JEE Advanced परीक्षा सफलतापूर्वक पास कर ली है, लेकिन CBSE री-इवैल्यूएशन के परिणाम आने में देरी हो रही है।

ऐसे में यदि उनके संशोधित अंक समय पर नहीं आते, तो वे IIT में प्रवेश के लिए निर्धारित पात्रता शर्त पूरी नहीं कर पाएंगे, जबकि री-इवैल्यूएशन के बाद उनके अंक बढ़ भी सकते हैं।

यही वजह है कि छात्रों ने इस साल एक बार के लिए नियमों में छूट देने की मांग की थी।

क्या प्रभावित छात्रों को कोई मदद मिलेगी?

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हालांकि JAB ने मार्क्स रिलैक्सेशन से इनकार कर दिया है, लेकिन छात्रों के लिए एक राहत की बात भी कही है।

प्रो. पंत के अनुसार JAB लगातार CBSE के संपर्क में है और कोशिश की जा रही है कि री-इवैल्यूएशन से जुड़े मामलों का जल्द समाधान हो, ताकि प्रभावित छात्रों को अनावश्यक नुकसान न उठाना पड़े।

JoSAA काउंसलिंग के बीच बढ़ी चिंता

JoSAA काउंसलिंग शुरू होने के साथ ही कई छात्रों के सामने समय की चुनौती खड़ी हो गई है।

एक ओर सीट आवंटन प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ छात्र अभी भी अपने संशोधित बोर्ड परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में उनके लिए हर अपडेट बेहद महत्वपूर्ण बन गया है।

पिछले साल भी हुए थे प्रभावित छात्र

JAB चेयरमैन ने बताया कि पिछले वर्ष भी कुछ छात्र केवल 12वीं के प्रतिशत मानदंड पूरे न कर पाने के कारण IIT और NIT में सीट हासिल नहीं कर सके थे।

इसी कारण बोर्ड ने इस साल भी नियमों में बदलाव नहीं करने का फैसला लिया है।

छात्रों को क्या करना चाहिए?

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विशेषज्ञों का मानना है कि जिन छात्रों ने री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन किया है, उन्हें नियमित रूप से CBSE और JoSAA की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखनी चाहिए।

साथ ही सभी जरूरी दस्तावेज और अपडेट तैयार रखें ताकि परिणाम जारी होते ही आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सके।

IIT Admission 2026 को लेकर छात्रों को जिस एकमुश्त राहत की उम्मीद थी, वह फिलहाल मिलती नजर नहीं आ रही है। JAB ने स्पष्ट कर दिया है कि पात्रता नियमों में कोई बदलाव नहीं होगा। हालांकि CBSE री-इवैल्यूएशन से प्रभावित छात्रों के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर हल करने का आश्वासन जरूर दिया गया है। अब हजारों छात्रों की नजर CBSE के अगले अपडेट पर टिकी हुई है।

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