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धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से दिया इस्तीफा, राष्ट्रपति ने मंजूर किया; प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार

NEET-UG 2026 परीक्षा विवाद और लंबे समय से चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

Dharmendra Pradhan Resignation
Updated: 7/26/2026, 4:13:18 AM
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NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं को लेकर जारी विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।

प्रह्लाद जोशी को मिला शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार

राष्ट्रपति सचिवालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, केंद्रीय कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी को उनके वर्तमान मंत्रालय के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

फिलहाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से इस घटनाक्रम पर कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है।

जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल

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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आते ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे Cockroach Janta Party (CJP) के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई।

पार्टी के संस्थापक अभिजीत डिपके ने इसे आंदोलन की "पहली बड़ी जीत" बताया।

हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन अभी समाप्त नहीं होगा और संगठन अपनी बाकी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखेगा।

CJP की बाकी मांगें

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CJP का कहना है कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा उनकी पहली प्रमुख मांग थी।

अब संगठन की अन्य प्रमुख मांगों में शामिल हैं:

  • कथित पेपर लीक के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई।
  • प्रभावित छात्रों और परिवारों को उचित मुआवजा।
  • परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और पारदर्शिता।

कांग्रेस ने क्या कहा?

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आंध्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वाई.एस. शर्मिला ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को भाजपा सरकार के खिलाफ बढ़ते जन असंतोष का संकेत बताया।

उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा जनता के दबाव का परिणाम है और इसे भाजपा के लिए एक बड़ा राजनीतिक संदेश बताया।

यह कांग्रेस का राजनीतिक बयान है। सरकार की ओर से इस टिप्पणी पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

लंबे समय से चल रहा था विरोध

पिछले कई दिनों से दिल्ली सहित देश के विभिन्न हिस्सों में छात्र संगठन और CJP कथित NEET-UG पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा थी। इसके अलावा परीक्षा प्रणाली में सुधार और कथित दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की जा रही थी।

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