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शहर के 7 प्रमुख विसर्जन घाटों पर 13 क्रेन, 12 पोकलेन और 184 गोताखोर तैनात रहेंगे। क्रेन और पोकलेन की मदद से भक्तों की मूर्तियों का विसर्जन कराया जाएगा। हादसे रोकने के लिए लोगों के पानी में उतरने पर रोक रहेगी। घाटों पर लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय, ट्यूब, रस्सी बंडल और पीए सिस्टम समेत अन्य संसाधन उपलब्ध रहेंगे। नगर निगम के कर्मचारी और तैराक भी तैनात किए जाएंगे।
पूजा के बाद निगम को दे सकेंगे मूर्तियां
नगर निगम शहर में दो दर्जन से ज्यादा स्थानों पर मूर्ति संग्रहण स्टॉल लगाएगा। लालघाटी चौराहा, गांधी नगर, करोंद चौराहा, कोलार, रायसेन रोड, अवधपुरी समेत पुराने शहर के विभिन्न इलाकों में स्टॉल बनाए जा रहे हैं। लोग पूजा के बाद प्रतिमाएं यहां जमा कर सकेंगे। निगम इन मूर्तियों का सामूहिक रूप से विसर्जन करेगा। कई स्थानों पर स्टॉल तैयार किए जा चुके हैं।
इन घाटों पर रहेगी विशेष निगरानी
खटलापुरा, प्रेमपुरा, संत हिरदाराम नगर-बैरागढ़, हथाईखेड़ा डैम, शाहपुरा और आर्च ब्रिज समेत प्रमुख विसर्जन घाटों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम रहेंगे। पुलिस कंट्रोल रूम से भी इन स्थानों की निगरानी की जाएगी। इन घाटों पर डोल ग्यारस से अब तक दो दिनों में डेढ़ हजार से ज्यादा मूर्तियों का विसर्जन हो चुका है।
घाटों और जुलूस मार्ग पर रोशनी
नगर निगम के अनुसार प्रेमपुरा, रानी कमलापति, शाहपुरा, खटलापुरा, हथाईखेड़ा, मालीखेड़ी और बैरागढ़ विसर्जन घाटों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के लिए 1090 एलईडी फ्लड लाइट्स लगाई गई हैं। वहीं चल समारोह के मार्गों पर 575 अतिरिक्त फ्लड लाइट्स लगाई गई हैं। इससे रात में निकलने वाले विसर्जन जुलूसों और घाटों पर भी पर्याप्त रोशनी रहेगी
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