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भोपाल में अनोखा बाजार: 2 से 20 फीट तक के रावण के पुतले तैयार, कीमत ₹800 से ₹40 हजार; बारिश से बचाने के लिए वॉटरप्रूफ पुतले भी

भोपाल दशहरा 2026: दशहरे से पहले भोपाल में रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों का बाजार सज गया है। यहां 2 से 20 फीट तक के पुतले बिक्री के लिए रखे गए हैं, जबकि ऑर्डर पर 40 फीट या उससे ऊंचे पुतले भी तैयार किए जा रहे हैं। पुतलों की कीमत ₹800 से ₹40 हजार तक है। बारिश की आशंका को देखते हुए कुछ कारीगर वॉटरप्रूफ पुतले भी बना रहे हैं।

भोपाल में रावण के पुतले
Updated: 10/20/2026, 5:57:13 AM
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भोपाल दशहरा 2026: दशहरे से पहले भोपाल में रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों का बाजार सज गया है। यहां 2 से 20 फीट तक के पुतले बिक्री के लिए रखे गए हैं, जबकि ऑर्डर पर 40 फीट या उससे ऊंचे पुतले भी तैयार किए जा रहे हैं। पुतलों की कीमत ₹800 से ₹40 हजार तक है। बारिश की आशंका को देखते हुए कुछ कारीगर वॉटरप्रूफ पुतले भी बना रहे हैं।

भोपाल में 300 से ज्यादा कारीगर तैयार कर रहे पुतले

भोपाल में 18 से अधिक स्थानों पर बड़े स्तर पर रावण दहन कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके अलावा शहर की करीब 7 हजार गलियों, मोहल्लों और कॉलोनियों में भी पुतलों का दहन किया जाएगा। इसी मांग को देखते हुए लिंक रोड नंबर-2 के तुलसीनगर, सेकंड स्टॉप, बांसखेड़ी, ईंटखेड़ी और पंचशील नगर सहित कई इलाकों में 300 से अधिक कारीगर पिछले डेढ़ से दो महीने से पुतले बनाने में जुटे हैं।

अब पुतलों को सड़क किनारे सजाकर बिक्री के लिए रखा गया है। कई लोगों ने पहले से बुकिंग करा रखी है और दशहरे से पहले खरीदारी जारी है।

महंगा हुआ पुतले बनाने का सामान

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कारीगर राखी पटेल के मुताबिक, इस साल पुतले बनाने में इस्तेमाल होने वाले सामान की कीमत बढ़ गई है। बांस पहले ₹150 में मिलता था, जो अब ₹200 का हो गया है। सूत की कीमत ₹120 से बढ़कर ₹180 और कागज की कीमत ₹60 से बढ़कर ₹80 हो गई है।

करोंद से खरीदारी करने पहुंचे अजय सोनी ने बताया कि पुतलों की कीमत में करीब ₹500 से ₹1,000 तक की बढ़ोतरी हुई है। वे वॉटरप्रूफ पुतला खरीदना चाहते थे, लेकिन उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें कागज का पुतला लेना पड़ा।

पटाखे लगवाने पर बढ़ जाएगी कीमत

पुतलों के साथ रावण की आकर्षक वेशभूषा और हथियारों के अलावा मेघनाथ व कुंभकरण के पुतले भी मिल रहे हैं। कारीगर खेमचंद के अनुसार, सामान्य पुतले बिना पटाखों के तैयार किए जाते हैं। यदि ग्राहक पटाखे लगवाना चाहते हैं, तो कीमत बढ़ जाती है। बड़े पुतलों में बांस, धागा, कपड़ा और कागज अधिक लगता है। इन्हें बनाने में तीन से चार कारीगरों को काम करना पड़ता है।

बारिश की आशंका से कारीगरों की बढ़ी चिंता

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दशहरे पर बारिश कारीगरों के लिए बड़ी परेशानी बन सकती है। साल 2022 में तेज बारिश के कारण भोपाल में कई पुतले भीग गए थे। बांसखेड़ी इलाके में कारीगरों को पुतले बस स्टॉप पर रखने पड़े थे, जिससे उन्हें नुकसान हुआ था।

इस बार भी बारिश का अनुमान होने से कारीगर पुतलों को सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में वॉटरप्रूफ पुतलों की मांग और मौसम का असर दशहरे के बाजार पर देखने को मिल सकता है।

भोपाल में दशहरे की तैयारियों के बीच रावण के पुतलों का यह बाजार कारीगरों के लिए साल का अहम कारोबार है। अब सभी की नजर मौसम पर है, ताकि दशहरा उत्सव बिना किसी परेशानी के संपन्न हो सके।

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