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शेख हसीना की वापसी पर बांग्लादेश का बड़ा बयान, कहा- 'न्याय का सामना करना होगा, मौत की सजा पर पुनर्विचार संभव'

पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस साल के अंत तक बांग्लादेश लौटने की खबरों के बीच ढाका ने कहा है कि उनकी वापसी का स्वागत है, लेकिन उन्हें कानून के तहत न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना होगा। बांग्लादेश सरकार ने स्पष्ट किया कि मामला अदालत में चलेगा, जबकि भारत ने कहा कि उसके रुख में कोई बदलाव नहीं है।

Sheikh Hasina
Updated: 7/15/2026, 8:25:47 AM
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शेख हसीना की वापसी पर बांग्लादेश का बड़ा बयान, कहा- 'न्याय का सामना करना होगा, मौत की सजा पर पुनर्विचार संभव'

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की संभावित वापसी को लेकर एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। हाल ही में सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, शेख हसीना इस साल के अंत तक ढाका लौटने की तैयारी कर रही हैं। इस बीच बांग्लादेश सरकार की ओर से भी इस मामले पर अहम प्रतिक्रिया सामने आई है।

सरकार के एक वरिष्ठ सलाहकार ने कहा कि यदि शेख हसीना देश लौटती हैं, तो उन्हें कानून के अनुसार न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अदालत की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और कानूनी प्रक्रिया के तहत सभी पहलुओं पर फैसला लिया जाएगा।

शेख हसीना की वापसी की तैयारी

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रिपोर्ट्स के मुताबिक, शेख हसीना अपने राजनीतिक दल अवामी लीग को फिर से सक्रिय करने के उद्देश्य से बांग्लादेश लौटने की योजना बना रही हैं।

गौरतलब है कि अगस्त 2024 में सरकार विरोधी बड़े आंदोलन के बाद सत्ता परिवर्तन हुआ था। इसके बाद शेख हसीना बांग्लादेश छोड़कर भारत आ गई थीं और तब से यहीं रह रही हैं।

बांग्लादेश सरकार ने क्या कहा?

बांग्लादेश सरकार के सलाहकार जाहेद उर रहमान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यदि शेख हसीना देश लौटती हैं, तो उन्हें अपने ऊपर लगे आरोपों का अदालत में जवाब देना होगा।

उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया पारदर्शी होगी और अदालत की कार्यवाही की निगरानी भी की जा सकेगी। उनके अनुसार, कानूनी प्रक्रिया के दौरान अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों को भी कार्यवाही देखने की अनुमति दी जा सकती है।

सरकार का कहना है कि यदि शेख हसीना अपने पक्ष में दलील देना चाहती हैं, तो उन्हें अदालत में पूरा अवसर मिलेगा।

किन आरोपों का करना होगा सामना?

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शेख हसीना पर वर्ष 2024 में छात्रों के नेतृत्व वाले आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और कार्रवाई को लेकर मानवता के खिलाफ अपराध (Crimes Against Humanity) से जुड़े आरोप लगाए गए हैं।

इन मामलों की सुनवाई बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (ICT) में चल रही है। सरकार का कहना है कि अदालत का फैसला कानूनी प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा।

सरकारी बयान में यह भी कहा गया कि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान अदालत के पास उपलब्ध कानूनी प्रावधानों के अनुसार फैसलों की समीक्षा या पुनर्विचार की संभावना रहती है।

हालांकि अंतिम निर्णय पूरी तरह अदालत की प्रक्रिया और कानूनी नियमों के आधार पर ही लिया जाएगा।

भारत का क्या है रुख?

शेख हसीना फिलहाल भारत में रह रही हैं। उनकी संभावित वापसी को लेकर भारत सरकार ने भी प्रतिक्रिया दी है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस मामले पर भारत के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में प्रत्यर्पण से जुड़ा कोई औपचारिक अनुरोध आता है, तो उस पर भारत के कानून और द्विपक्षीय प्रक्रियाओं के अनुसार विचार किया जाएगा।

यदि शेख हसीना वास्तव में बांग्लादेश लौटती हैं, तो यह देश की राजनीति के लिए एक बड़ा घटनाक्रम होगा। उनकी वापसी के बाद न्यायिक प्रक्रिया, राजनीतिक गतिविधियां और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान रहेगा।

फिलहाल उनकी वापसी की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है, लेकिन इस मुद्दे पर भारत और बांग्लादेश दोनों की नजर बनी हुई है।

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