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CM हाउस जा रहे इंटर्न डॉक्टरों को हमीदिया में रोका:पुलिस ने चारों तरफ से रास्ते किए बंद, धक्का-मुक्की; वाटर कैनन तैनात

भोपाल में इंटर्न डॉक्टरों ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री निवास की ओर मार्च निकालने का ऐलान किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें हमीदिया अस्पताल परिसर में ही रोक दिया। अस्पताल के चारों ओर बैरिकेडिंग कर रास्ते बंद कर दिए गए हैं।

इंटर्न डॉक्टरों ने हमीदिया अस्पताल के गेट नंबर-1 से मुख्यमंत्री निवास की ओर मार्च निकालने की तैयारी की थी।
Updated: 9/7/2026, 9:26:19 AM
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मौके पर भारी पुलिस बल, रिजर्व पुलिस बल, वाटर कैनन और अन्य पुलिस वाहन तैनात हैं। एसडीएम समेत कई प्रशासनिक अधिकारी भी स्थिति पर नजर रख रहे हैं।

इंटर्न डॉक्टरों ने हमीदिया अस्पताल के गेट नंबर-1 से मुख्यमंत्री निवास की ओर मार्च निकालने की तैयारी की थी। उनका कहना है कि करीब डेढ़ महीने पहले स्टाइपेंड बढ़ाने का आश्वासन मिला था, लेकिन अब तक इसका लिखित आदेश जारी नहीं हुआ।

इंटर्न डॉक्टरों को वर्तमान में ₹14,337 प्रतिमाह स्टाइपेंड मिल रहा है। उनकी मांग है कि इसे बढ़ाकर न्यूनतम ₹30 हजार प्रतिमाह किया जाए। डॉक्टरों के मुताबिक शासन की ओर से एक महीने में निर्णय लेने का मौखिक आश्वासन दिया गया था। एक महीने से ज्यादा इंतजार के बाद भी आदेश नहीं आया तो उन्होंने मुख्यमंत्री तक अपनी मांग पहुंचाने के लिए मार्च का फैसला लिया।

इमरजेंसी गेट भी ब्लॉक

मार्च से पहले ही पुलिस ने अस्पताल परिसर की घेराबंदी कर दी। बाहर जाने वाले रास्तों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। इमरजेंसी गेट को भी ब्लॉक किए जाने की बात सामने आई है। वाटर कैनन वाहन समेत पुलिस के अन्य वाहन मौके पर खड़े हैं।

इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक है। वे स्टाइपेंड बढ़ाने की घोषणा नहीं, बल्कि उसका आधिकारिक लिखित आदेश चाहते हैं। उनका कहना है- ₹14,337 नहीं, ₹30 हजार चाहिए; अब आश्वासन नहीं, लिखित आदेश चाहिए।

‘शांतिपूर्ण मार्च था, सामने पुलिस खड़ी कर दी’

इंटर्न डॉक्टर मोहित मिश्रा ने कहा कि वे मुख्यमंत्री निवास जाकर मुख्यमंत्री मोहन यादव से मिलना चाहते थे, लेकिन प्रशासन ने उनके सामने पुलिस बल खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा, “हमने पहले संवैधानिक तरीके से अपनी मांग रखी और सभी नियमों का पालन किया। जब हमारी बात नहीं सुनी गई, तभी मार्च का कदम उठाया। हमारा आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है।”

‘यूपी ने स्टाइपेंड बढ़ाया तो एमपी क्यों नहीं कर सकता’

मोहित मिश्रा ने कहा कि इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड वर्तमान में करीब ₹14 हजार है, जिसे बढ़ाकर ₹30 हजार करने की मांग है। उनके मुताबिक, उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा था कि यदि उत्तर प्रदेश स्टाइपेंड बढ़ाता है तो मध्य प्रदेश में भी बढ़ाया जाएगा। अब उत्तर प्रदेश में स्टाइपेंड बढ़ाकर ₹25 हजार किए जाने का आदेश जारी हो चुका है, ऐसे में मध्य प्रदेश सरकार से भी निर्णय की उम्मीद है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब 2 हजार शासकीय इंटर्न डॉक्टर हैं, जबकि कुल इंटर्न डॉक्टरों की संख्या करीब 3,600 है। भावी इंटर्न डॉक्टरों को जोड़ने पर यह संख्या करीब 15 हजार तक पहुंचती है। उन्होंने दावा किया कि दूसरे मेडिकल कॉलेजों से आए इंटर्न डॉक्टर भी आंदोलन में शामिल हैं और सागर के इंटर्न डॉक्टरों की बस को नादरा बस स्टैंड पर रोके जाने की बात भी कही।

मोहित मिश्रा ने कहा कि जब तक मुख्यमंत्री स्वयं आकर स्टाइपेंड वृद्धि का लिखित आदेश नहीं देते, तब तक इंटर्न डॉक्टर हमीदिया परिसर में ही बैठे रहेंगे। उन्होंने कहा कि अब डॉक्टर केवल आश्वासन नहीं, बल्कि लिखित आदेश चाहते हैं।

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