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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोमवार देर रात जारी एक वीडियो में दावा किया कि सरकार के प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत के बाद प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने और भविष्य में उनके खिलाफ कार्रवाई न करने का आश्वासन मिला है।
CJP के प्रवक्ता सौरव दास और संगठन की कानूनी टीम से जुड़ी रत्ना सिंह ने वीडियो जारी कर कहा कि सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
CJP ने क्या दावा किया?

सौरव दास के अनुसार, सरकार के प्रतिनिधियों ने उनसे मुलाकात कर बताया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार की ओर से ऐसा नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा, जिससे भविष्य में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई न हो।
हालांकि, इस दावे की सभी राज्यों की ओर से स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पहले दी थी आंदोलन दोबारा शुरू करने की चेतावनी
इससे पहले CJP ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि यदि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जाएगा।
संगठन का आरोप था कि सरकार ने आंदोलन समाप्त कराने के दौरान किए गए कुछ आश्वासनों को अभी तक लिखित रूप में लागू नहीं किया था।
बिहार सरकार ने क्या कहा?
बिहार सरकार ने घोषणा की है कि 26 जुलाई शाम 6 बजे तक राज्य में हुए विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।
सरकार ने यह भी कहा है कि विरोध प्रदर्शनों से संबंधित FIR, आपराधिक शिकायतें और कारण बताओ नोटिस वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी तथा ऐसे मामलों में हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा किया जाएगा।
CJP की लीगल टीम करेगी सहायता
CJP ने बताया कि उसकी कानूनी टीम विभिन्न राज्यों में प्रदर्शनकारियों की सहायता कर रही है।
संगठन ने आरोप लगाया कि कुछ राज्यों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामले दर्ज किए गए हैं। इन आरोपों पर संबंधित राज्य सरकारों की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आंदोलन के बाद CJP के तीन बड़े ऐलान
आंदोलन समाप्त होने के बाद CJP ने तीन प्रमुख पहल की घोषणा की है:
- घायल और कानूनी मामलों में फंसे प्रदर्शनकारियों की सहायता के लिए फंड जुटाया जाएगा।
- देशभर में लीगल एड सेल बनाई जाएगी, जिससे जरूरतमंद प्रदर्शनकारियों को कानूनी सहायता मिल सके।
- संगठन एक साक्ष्य (Evidence) पोर्टल शुरू करेगा, जहां प्रदर्शन से जुड़े फोटो और वीडियो अपलोड किए जा सकेंगे।
दिल्ली पुलिस का दावा

दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि प्रदर्शन के दौरान सत्यापन किए गए कुछ लोगों के खिलाफ पहले से हत्या, लूट, डकैती, आर्म्स एक्ट, रेप और अन्य आपराधिक मामलों में केस दर्ज पाए गए।
पुलिस का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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