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दिल्ली के लाल किला इलाके में 10 नवंबर 2025 को हुए धमाके को लेकर एक नई रिपोर्ट सामने आई है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की 38वीं रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस हमले के पीछे अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से जुड़े संगठन का हाथ था। इस धमाके में 11 लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए थे।
रिपोर्ट में बताया गया है कि AQIS अब बड़े संगठित समूहों के बजाय छोटे-छोटे सेल के जरिए अपनी गतिविधियां चला रहा है। संगठन ने अपने लॉजिस्टिक्स और फाइनेंशियल नेटवर्क को भी मजबूत किया है।
UNSC की रिपोर्ट में AQIS का नाम
UNSC की एनालिटिकल सपोर्ट एंड सैंक्शंस मॉनिटरिंग टीम की रिपोर्ट 10 अगस्त को जारी हुई। इसमें AQIS को दक्षिण एशिया में सक्रिय आतंकी नेटवर्क के तौर पर बताया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, संगठन छोटे और अलग-अलग सेल के जरिए काम कर रहा है। साथ ही, AQIS बांग्लादेश में भी अपने आतंकी नेटवर्क और सेल स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।
इससे पहले UNSC की 37वीं रिपोर्ट में एक सदस्य देश की ओर से लाल किला धमाके के पीछे जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का नाम बताया गया था। ऐसे में संयुक्त राष्ट्र की लगातार दो रिपोर्टों में इस हमले को लेकर अलग-अलग आतंकी संगठनों का नाम सामने आया है।
NIA की जांच में भी AQIS कनेक्शन का दावा
लाल किला धमाके की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपी गई थी। एजेंसी ने मई में 11 आरोपियों के खिलाफ करीब 7,500 पेज की चार्जशीट दाखिल की थी।
NIA की चार्जशीट के मुताबिक, आरोपी अंसार गजवत-उल-हिंद (AGuH) और AQIS से जुड़े थे। चार्जशीट में 580 से ज्यादा गवाहों के बयान भी शामिल किए गए हैं।
मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट में अगली सुनवाई 27 अगस्त को होनी है।
10 नवंबर 2025 को क्या हुआ था?
10 नवंबर 2025 की शाम दिल्ली के लाल किला इलाके में जोरदार धमाका हुआ था। धमाके की वजह से आसपास खड़ी गाड़ियों के शीशे टूट गए और कई दुकानों तथा इमारतों को नुकसान पहुंचा।
इस घटना में 11 लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे। शुरुआती जांच में एजेंसियों को शक था कि यह हाई-इंटेंसिटी VBIED हमला हो सकता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच NIA को सौंप दी गई।
आरोपियों ने खुद तैयार किया था विस्फोटक
NIA की जांच में दावा किया गया कि कुछ आरोपी मेडिकल प्रोफेशन से जुड़े थे और कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित थे। जांच के मुताबिक, 2022 में श्रीनगर में हुई एक बैठक के बाद “AGuH Interim” नाम से संगठन को फिर सक्रिय करने और “Operation Heavenly Hind” शुरू करने की योजना बनाई गई।
जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों ने विस्फोटक तैयार करने के लिए केमिकल और उपकरण जुटाए थे। एजेंसी ने यह भी दावा किया कि धमाके में इस्तेमाल किया गया TATP विस्फोटक आरोपियों ने खुद तैयार किया था।
जांच में हथियारों और अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े आरोप भी सामने आए थे।
AQIS क्या है?
अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) अलकायदा का दक्षिण एशिया केंद्रित संगठन है। इसे सितंबर 2014 में अलकायदा के तत्कालीन प्रमुख अयमान अल-जवाहिरी ने घोषित किया था।
संगठन का उद्देश्य भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश सहित दक्षिण एशिया के देशों में अलकायदा का नेटवर्क बढ़ाना था। AQIS से जुड़े नेटवर्क की गतिविधियां अफगानिस्तान, पाकिस्तान, भारत और बांग्लादेश में बताई जाती रही हैं।
UNSC ऐसी रिपोर्ट क्यों जारी करता है?
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद आतंकवादी संगठनों की गतिविधियों, उनके नेटवर्क और फंडिंग पर नजर रखने के लिए मॉनिटरिंग टीम के जरिए जानकारी जुटाता है।
अलकायदा और ISIS से जुड़े संगठनों के लिए UNSC की 1267 सैंक्शंस व्यवस्था महत्वपूर्ण है। इसके तहत आतंकी संगठनों और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ यात्रा प्रतिबंध, हथियारों पर रोक और संपत्ति फ्रीज जैसे प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
इसी व्यवस्था के तहत तैयार की गई रिपोर्टों में आतंकी संगठनों की गतिविधियों और उनसे जुड़े खतरों का आकलन किया जाता है।
रिपोर्ट में रासायनिक और जैविक हथियारों को लेकर भी चिंता
UNSC की रिपोर्ट में अलकायदा और ISIS से जुड़े नेटवर्क द्वारा रासायनिक और जैविक हथियारों से संबंधित क्षमताएं विकसित करने की कोशिशों का भी उल्लेख किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे हथियार तैयार करना तकनीकी रूप से बेहद कठिन है, लेकिन आतंकी संगठनों से जुड़े ऑनलाइन नेटवर्क पर जहरीले पदार्थों से संबंधित जानकारी साझा किए जाने को सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय माना गया है।
दिल्ली ब्लास्ट मामले में जांच जारी

लाल किला धमाके के मामले में UNSC की नई रिपोर्ट ने एक बार फिर AQIS कनेक्शन को लेकर चर्चा तेज कर दी है। हालांकि, हमले से संबंधित अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में अलग-अलग संगठनों के नाम सामने आने के कारण मामले में उपलब्ध आधिकारिक जांच और अदालत की कार्यवाही महत्वपूर्ण बनी हुई है।
NIA की चार्जशीट में AQIS और अंसार गजवत-उल-हिंद से संबंध का दावा पहले ही किया जा चुका है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया के दौरान आरोपों और सबूतों पर अदालत का फैसला महत्वपूर्ण होगा।
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