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टाटा संस में चंद्रशेखरन की जगह ले सकते हैं टीवी नरेंद्रन, चेयरमैन की रेस में सबसे आगे

टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के फरवरी 2027 में कार्यकाल पूरा होने से पहले नए उत्तराधिकारी की तलाश शुरू हो गई है। सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट ने 5 सदस्यीय सिलेक्शन कमेटी बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस रेस में टाटा स्टील के MD टीवी नरेंद्रन का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है।

Tata Sons Chairman
Updated: 8/13/2026, 8:29:56 AM
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टाटा ग्रुप में अगले चेयरमैन को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन फरवरी 2027 तक अपने पद पर बने रहेंगे, लेकिन उनके उत्तराधिकारी की तलाश अब शुरू हो चुकी है।

13 अगस्त को सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट ने नए चेयरमैन के चयन के लिए 5 सदस्यीय सिलेक्शन कमेटी गठित करने की प्रक्रिया शुरू करने का प्रस्ताव पास किया। इस बीच टाटा स्टील के MD टीवी नरेंद्रन का नाम संभावित उत्तराधिकारी के तौर पर सबसे ज्यादा चर्चा में है।

टीवी नरेंद्रन क्यों हैं चेयरमैन की रेस में सबसे आगे?

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टीवी नरेंद्रन लंबे समय से टाटा ग्रुप का हिस्सा हैं। वह 1988 से टाटा ग्रुप से जुड़े हुए हैं और उनका पूरा करियर टाटा स्टील में रहा है।

चेयरमैन पद के लिए उनके नाम पर चर्चा की सबसे बड़ी वजह उनका लंबा अनुभव और टाटा ग्रुप की कार्यप्रणाली की गहरी समझ मानी जा रही है।

1. मुश्किल दौर में टाटा स्टील को संभाला

नरेंद्रन के नेतृत्व में टाटा स्टील ने कर्ज, वैश्विक बाजार की चुनौतियों और विदेशी अधिग्रहणों से जुड़े दबावों का सामना किया।

उन्होंने कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत करने, कैश फ्लो सुधारने और भारतीय बाजार में कंपनी की स्थिति मजबूत करने पर जोर दिया। यूके और नीदरलैंड्स में कंपनी की मुश्किल रीस्ट्रक्चरिंग प्रक्रिया में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

2. टाटा कल्चर की गहरी समझ

2016 में साइरस मिस्त्री विवाद के बाद टाटा ग्रुप के लिए संगठन की परंपराओं और मूल्यों को बनाए रखना काफी महत्वपूर्ण रहा है।

नरेंद्रन करीब चार दशक से टाटा ग्रुप का हिस्सा हैं। इस वजह से उन्हें टाटा ग्रुप की कार्यशैली, संस्कृति और लंबे समय से चली आ रही परंपराओं की अच्छी समझ है।

3. बड़े ऑपरेशन्स का अनुभव

टाटा संस का चेयरमैन पद केवल कंपनियों के रोजमर्रा के काम की निगरानी तक सीमित नहीं है। चेयरमैन को बड़े स्तर पर कैपिटल एलोकेशन, रणनीति, रेगुलेशन, लेबर इश्यूज और लंबे निवेश चक्रों से जुड़े फैसले लेने होते हैं।

नरेंद्रन के पास टाटा स्टील जैसी बड़ी कंपनी को संभालने का लंबा अनुभव है, जो उनके पक्ष में जा सकता है।

5 सदस्यीय कमेटी करेगी नए चेयरमैन का चयन

टाटा संस के नियमों के मुताबिक नए चेयरमैन के चयन के लिए 5 सदस्यों की विशेष कमेटी बनाई जाती है।

इसमें:

  • 3 सदस्य: सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट से नामित होंगे।
  • 1 सदस्य: टाटा संस बोर्ड की ओर से नामित किया जाएगा।
  • 1 स्वतंत्र सदस्य: टाटा संस बोर्ड द्वारा चुना जाएगा।

यही कमेटी संभावित उम्मीदवारों पर विचार करके नए चेयरमैन के नाम की सिफारिश करेगी।

चयन प्रक्रिया में कानूनी पेंच

नए चेयरमैन के चयन की प्रक्रिया के सामने एक प्रशासनिक और कानूनी अड़चन भी है।

महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर के एक निर्देश के कारण सर रतन टाटा ट्रस्ट (SRTT) फिलहाल अपने ट्रस्टियों की बैठक नहीं कर पा रहा है। ऐसे में चयन कमेटी के लिए ट्रस्ट की ओर से सदस्यों के नाम तय करने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

यह स्थिति नए चेयरमैन के चयन की प्रक्रिया को थोड़ा जटिल बना सकती है।

नोएल टाटा अंतरिम चेयरमैन क्यों नहीं बन सकते?

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2016 में साइरस मिस्त्री को पद से हटाए जाने के बाद रतन टाटा ने अंतरिम चेयरमैन की जिम्मेदारी संभाली थी। इसके बाद एन चंद्रशेखरन को टाटा संस का चेयरमैन बनाया गया।

लेकिन इस बार नोएल टाटा के लिए ऐसा करना संभव नहीं माना जा रहा है।

2022 में टाटा संस के नियमों में बदलाव किया गया था। इसके मुताबिक टाटा ट्रस्ट्स का चेयरमैन और टाटा संस का चेयरमैन एक ही व्यक्ति नहीं हो सकता।

रतन टाटा आखिरी व्यक्ति थे जिन्होंने दोनों भूमिकाएं एक साथ संभाली थीं।

नोएल टाटा का क्या रोल रहेगा?

नोएल टाटा इस साल नवंबर में 70 वर्ष के हो जाएंगे। टाटा ग्रुप की नीति के अनुसार नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स के लिए रिटायरमेंट की उम्र 70 वर्ष है।

इसके चलते वह टाटा ग्रुप की दूसरी कंपनियों के बोर्ड से रिटायर हो सकते हैं। हालांकि, टाटा संस के बोर्ड में उनका डायरेक्टर पद जारी रह सकता है, क्योंकि वह ट्रस्ट के नॉमिनी हैं और ट्रस्ट नॉमिनी पर यह रिटायरमेंट सीमा लागू नहीं होती।

चंद्रशेखरन कब तक चेयरमैन रहेंगे?

एन चंद्रशेखरन के इस्तीफे के बावजूद वह तुरंत पद नहीं छोड़ेंगे। वह फरवरी 2027 तक टाटा संस के चेयरमैन बने रहेंगे।

इससे टाटा संस को नए चेयरमैन के चयन और नेतृत्व परिवर्तन की तैयारी के लिए लगभग छह महीने का समय मिल जाता है।

टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स में क्या अंतर है?

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टाटा संस

टाटा संस टाटा ग्रुप की मुख्य होल्डिंग कंपनी है। यह समूह की प्रमुख कंपनियों जैसे TCS, टाटा मोटर्स और टाटा स्टील में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी रखती है।

टाटा ट्रस्ट्स

टाटा संस में करीब 66% हिस्सेदारी सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट के पास है। ये परोपकारी ट्रस्ट हैं और शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हैं।

आगे क्या होगा?

अब 5 सदस्यीय सिलेक्शन कमेटी के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसके बाद संभावित उम्मीदवारों पर विचार किया जाएगा और नए चेयरमैन के नाम को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू होगी।

फिलहाल टीवी नरेंद्रन का नाम सबसे प्रमुख संभावित उम्मीदवारों में सामने आ रहा है, लेकिन नए चेयरमैन के नाम पर अंतिम फैसला चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।

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