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नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी है। तेज बहाव के कारण सड़कों और रिहायशी इलाकों में कई फीट तक पानी भर गया। बाढ़ के पानी के साथ मलबा और इमारतों के हिस्से भी बहते नजर आए। इस बीच एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां चारों तरफ पानी और मलबे के बावजूद एक घर काफी हद तक सुरक्षित रहा।
घर की बालकनी में तीन लोग खड़े दिखाई दिए, जबकि उनके चारों तरफ बाढ़ का तेज बहाव था। आसपास की स्थिति बेहद खतरनाक थी और पानी अपने साथ मलबा बहाकर ले जा रहा था। इसके बावजूद घर के ढांचे ने तेज बहाव का सामना किया और उसमें मौजूद लोग सुरक्षित रहे।
हालांकि, इस घटना की सटीक जगह की पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए इसे नेपाल के किसी विशेष इलाके से जोड़कर दावा करना सही नहीं होगा।
नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही

नेपाल में आई बाढ़ और इसके कारण पैदा हुए हालात ने बड़े स्तर पर जनजीवन को प्रभावित किया है। कई इलाकों में पानी भरने से लोगों का संपर्क टूट गया है, जबकि राहत और बचाव अभियान भी जारी है।
नेपाल पुलिस के मुताबिक, बाढ़ में अब तक 579 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं करीब 2,500 लोग लापता या संपर्क से बाहर बताए जा रहे हैं।
320 भारतीय नागरिक भी लापता या संपर्क से बाहर
बाढ़ प्रभावित लोगों में भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक करीब 320 भारतीय नागरिकों का अब तक पता नहीं चल पाया है या उनसे संपर्क नहीं हो सका है।
शुक्रवार को यह जानकारी भी सामने आई कि इंफोसिस पब्लिक सर्विसेज के CEO लक्ष गोपिसेट्टी नेपाल गए थे और उनसे भी संपर्क नहीं हो पा रहा है।
चीन की ओर करीब 400 भारतीय फंसे
विदेश मंत्रालय के मुताबिक चीन की ओर करीब 400 भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं, हालांकि सभी सुरक्षित बताए गए हैं। भारत सरकार उनके सुरक्षित स्वदेश लौटने के लिए चीनी अधिकारियों के संपर्क में है।
इसके अलावा 153 भारतीय नागरिक चीन से सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं।
नेपाल में बाढ़ के बाद राहत और बचाव कार्य जारी हैं और प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों तक मदद पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
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