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बारिश से बचने के लिए कोच का दरवाजा बंद रखा गया था। इसी बीच रोशन सुवर्णा ने कथित तौर पर दरवाजा खोल दिया, जिससे कुछ यात्रियों पर बारिश का पानी आ गया। मयंक ने दरवाजा वापस बंद कर दिया, जिससे दोनों के बीच बहस शुरू हो गई।

- बात बढ़ने पर दोनों के बीच मामूली हाथापाई हुई, जिसके बाद सहयात्रियों ने मयंक का साथ दिया और सुवर्णा के साथ धक्का-मुक्की की।
- यात्रियों ने दोनों को अलग कर दिया और कोच के अलग-अलग दरवाजों की तरफ भेज दिया।
- पुलिस को संदेह है कि धक्का-मुक्की के बाद सुवर्णा ने अपमानित महसूस किया और इसका जिम्मेदार मयंक को माना।
- जब ट्रेन गोरेगांव और मलाड स्टेशनों के बीच थी, तब उसने अपने बैग से एक बड़ा चाकू निकाला और मयंक के सीने और पेट पर तीन-चार वार किए।
- एक सहयात्री द्वारा बनाए गए वीडियो में हत्या के बाद सुवर्णा को खून से सना चाकू लहराते और डरे हुए यात्रियों को धमकाते देखा जा सकता है। बोरीवली स्टेशन आते ही सुवर्णा ट्रेन से कूदकर भाग गया। मयंक को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन आधी रात के आसपास उसे मृत घोषित कर दिया गया।
- सीसीटीवी कैमरों की जांच
- बोरीवली जीआरपी ने आरोपी को पकड़ने के लिए सात टीमें बनाईं और मंगलवार से बुधवार सुबह तक 400 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। कैमरों में वह बोरीवली वेस्ट से बाहर निकलते और अपने घर के लिए ऑटो लेते हुए दिखा।
- पुलिस के मुताबिक, उसने इस घटना के बारे में किसी से बात नहीं की थी और वह कर्नाटक में अपने गृहनगर भागने की फिराक में था। हालांकि, पुलिस ने उसे मीरा-भयंदर स्थित परिवार के जरिए ट्रेस किया और अंततः उसकी लोकेशन ट्रैक करके उसे पनवेल से गिरफ्तार कर लिया।
- सुवर्णा एक संस्था के लिए बारकोड बनाने का काम करता है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या वह घटना के वक्त नशे में था, क्योंकि ट्रेन में चढ़ने से पहले उसका एक ऑटो ड्राइवर के साथ भी झगड़ा हुआ था।
- आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने वह चाकू ऑनलाइन अपने एक दोस्त के लिए खरीदा था। हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार अभी तक बरामद नहीं हुआ है और न ही पुलिस को अब तक आरोपी का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड मिला है।
- चेकिंग व्यवस्था पर उठे सवाल
- इस जघन्य हत्या ने मुंबई लोकल में यात्रियों की सुरक्षा पर फिर से गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। इससे पहले जनवरी में एक कॉलेज टीचर को ट्रेन में चाकू मारा गया था, और नवंबर 2024 में बोरीवली और कांदिवली के बीच एक बहस के बाद एक यात्री को लात मारकर ट्रैक पर गिरा दिया गया था।
- इन घटनाओं के मद्देनजर कम्यूटर वेलफेयर ग्रुप मुंबई रेल प्रवासी संघ ने सवाल उठाया है कि कोई व्यक्ति धारदार हथियार लेकर स्टेशन में बिना किसी जांच के कैसे प्रवेश कर गया। उन्होंने सुरक्षा कड़ी करने के लिए मेट्रो की तर्ज पर सभी स्टेशनों पर मेटल डिटेक्टर, सामान की अनिवार्य स्क्रीनिंग, ऑटोमैटिक डोर-क्लोजिंग ट्रेनें और एआई-आधारित सीसीटीवी निगरानी की मांग की है।
- हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने इन मांगों के जवाब में अव्यावहारिकता का हवाला देते हुए कहा कि रेलवे स्टेशनों पर एक्सेस कंट्रोल न होना सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मेट्रो में टर्नस्टाइल गेट और अनिवार्य बैगेज चेकिंग की व्यवस्था है, लेकिन रेलवे में यात्रियों की भारी संख्या और स्टेशनों के खुले प्रवेश द्वारों को देखते हुए हर एक व्यक्ति के सामान की चेकिंग करना बेहद मुश्किल काम है।
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