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भोपाल में 100 से ज्यादा दुकानें और शोरूम सील, रिहायशी इलाकों में कमर्शियल गतिविधियों पर नगर निगम की बड़ी कार्रवाई

भोपाल नगर निगम ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत रिहायशी इलाकों में चल रही अवैध कमर्शियल गतिविधियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 100 से अधिक दुकानों और शोरूम को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान कई स्थानों पर व्यापारियों ने विरोध भी किया।

Bhopal Nagar Nigam Action
Updated: 8/2/2026, 2:16:12 PM
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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शनिवार को नगर निगम ने रिहायशी क्षेत्रों में संचालित कमर्शियल गतिविधियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। इस दौरान 100 से अधिक दुकानों, शोरूम और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील कर दिया गया।

नगर निगम का कहना है कि यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और भवन उपयोग (Occupancy) नियमों के उल्लंघन के मामलों में की गई है। वहीं, प्रभावित व्यापारियों ने इस कार्रवाई का विरोध जताते हुए इसे जल्दबाजी में उठाया गया कदम बताया।

इन इलाकों में हुई कार्रवाई

नगर निगम की टीमों ने शहर के कई प्रमुख रिहायशी इलाकों में कार्रवाई की, जिनमें शामिल हैं:

  • अरेरा कॉलोनी
  • रोहित नगर
  • गुलमोहर
  • बावड़िया कलां
  • 10 नंबर मार्केट

कार्रवाई के दौरान कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील किया गया और उनके बाहर नोटिस चस्पा किए गए कि यहां कमर्शियल गतिविधियां प्रतिबंधित कर दी गई हैं।

नगर निगम ने क्या कहा?

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नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, पिछले दो सप्ताह में करीब 1,800 नोटिस जारी किए गए थे। संपत्ति मालिकों को निर्देश दिया गया था कि वे कमर्शियल उपयोग की वैध अनुमति प्रस्तुत करें या रिहायशी भवनों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियां बंद करें।

अधिकारियों का कहना है कि शनिवार की कार्रवाई अंतिम नोटिस के बाद की गई और आने वाले दिनों में अन्य उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ भी कार्रवाई जारी रहेगी।

व्यापारियों ने किया विरोध

कार्रवाई के दौरान विशेष रूप से 10 नंबर मार्केट में व्यापारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि कई प्रतिष्ठानों को पर्याप्त समय दिए बिना कार्रवाई की गई।

हालांकि नगर निगम ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि नोटिस पहले ही जारी किए जा चुके थे और नियमों का पालन न करने पर ही सीलिंग की कार्रवाई की गई।

पूर्व पार्षद और निगम कर्मचारियों के बीच विवाद

वार्ड-52 में कार्रवाई के दौरान पूर्व पार्षद रामबाबू पाटीदार और नगर निगम कर्मचारियों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।

बाद में अधिकारियों के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ। पूर्व पार्षद ने व्यापारियों को पर्याप्त समय नहीं देने का आरोप लगाया, जबकि निगम ने अपनी कार्रवाई को नियमों के अनुरूप बताया।

व्यापारियों ने उठाए सवाल

व्यापारी संगठनों का कहना है कि वे वर्षों से:

  • कमर्शियल बिजली बिल भर रहे हैं।
  • प्रॉपर्टी टैक्स जमा कर रहे हैं।
  • नगर निगम का ट्रेड लाइसेंस रखते हैं।
  • GST पंजीकरण के साथ कारोबार कर रहे हैं।

व्यापारियों का यह भी कहना है कि शहर में लंबे समय से नया मास्टर प्लान लागू नहीं हुआ है और नए कमर्शियल जोन विकसित नहीं किए गए हैं, जिससे कारोबारियों के सामने वैकल्पिक स्थान का संकट है।

चैंबर ऑफ कॉमर्स ने की कार्रवाई रोकने की मांग

भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने मांग की है कि जब तक सरकार और नगर निगम कोई स्थायी समाधान नहीं निकालते, तब तक सीलिंग अभियान पर रोक लगाई जाए।

संगठन का कहना है कि व्यापारियों के हितों और शहर की व्यापारिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए समाधान निकालना जरूरी है।

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