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भोपाल में कई दिनों से जारी किसानों का आंदोलन बुधवार को सरकार के साथ सफल वार्ता के बाद समाप्त हो गया। संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे किसानों ने सरकार से मिले आश्वासन के बाद आंदोलन वापस लेने की घोषणा की।
किसान मूंग की 100% न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी, खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था में सुधार और समय पर यूरिया उपलब्ध कराने जैसी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे।
सरकार ने किसानों को क्या आश्वासन दिया?
सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी। सरकार ने आश्वासन दिया कि:
- मूंग की पहले से अधिक मात्रा में MSP पर खरीदी की जाएगी।
- खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाएगी।
- किसानों की अन्य लंबित मांगों पर भी सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इन आश्वासनों के बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने आंदोलन समाप्त करने का फैसला लिया।
बातचीत के लिए बनाई गई थी समिति
किसानों के आंदोलन को देखते हुए राज्य सरकार ने वार्ता के लिए एक समिति का गठन किया था।
इस समिति में कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना, मंत्री विश्वास सारंग, मंत्री कृष्णा गौर और मंत्री राकेश सिंह शामिल थे। समिति ने किसान प्रतिनिधियों से बातचीत कर समाधान का रास्ता निकाला।
मुख्यमंत्री मोहन यादव का बयान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार हमेशा किसानों के हित में काम करती रही है। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से निकाला जाएगा और साथ ही आम जनता को भी किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका ध्यान रखा जाएगा।
कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना
विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने कहा कि किसानों की मांगें जायज हैं और सरकार को उन पर समय रहते निर्णय लेना चाहिए था। उन्होंने मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी, खाद वितरण व्यवस्था में सुधार और किसानों से जुड़े लंबित मुद्दों के शीघ्र समाधान की मांग दोहराई।
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