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एमपी में अब केवल ‘ग्रीन बिल्डिंग’ के निर्माण को ही मिलेगी मंजूरी, नियम बदल रही सरकार

ग्लोबल वार्मिंग जैसी चुनौती से निपटने मप्र अब सरकारी-निजी भवनों के निर्माण में ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट 100 प्रतिशत लागू करेगा। पहले सरकारी भवनों पर लागू होगा। अभी यह व्यवस्था केवल बड़े भवनों के निर्माण में है। आने वाले समय में 100 प्रतिशत छोटे निर्माण पर भी लागू होगा। दूसरे चरण में बड़े व्यावसायिक निजी भवनों पर अनिवार्य किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार नियम बदलेगी। लोक निर्माण विभाग समेत अन्य निर्माण विभागों के शेड्यूल ऑफ रेट (एसओआर), निविदा दस्तावेजों, निर्माण अनुमतियों बदलाव किए जाएंगे। संबंधितों को ट्रेंड किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया के लिए सरकार ने 6 से 9 माह की समय सीमा तय की है। सीएम डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में शनिवार को एमओयू किए गए। उन्होंने ग्लोबल वार्मिंग पर चिंता भी जताई। ग्रीन बिल्डिंग ऐसे समझें मप्र भवन विकास निगम के महाप्रबंधक सिबी चक्रवर्ती ने बताया कि ग्रीन बिल्डिंग से आशय भवनों का डिजाइन, निर्माण और संचालन खास तरीके से करने से है। इसमें भवनों को प्राकृतिक प्रकाश एवं वेंटिलेशन का अधिकतम उपयोग करने योग्य बनाया जाता है। बारिश के पानी का ज्यादा उपयोग करना होता है। सौर ऊर्जा के उपयोग पर फोकस रहता है। सीवेज वाटर को ट्रीट करने के इंतजाम होते हैं। उपयोग किए जा चुके पानी दुबारा उपयोगी बनाते हैं। बड़े भवनों के निर्माण में लागू कर चुके हैं।

‘ग्रीन बिल्डिंग’
Live UpdateUpdated: 5/3/2026, 10:06:10 AM
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सीएम डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में शनिवार को शुरू हुए दो दिनी ग्रीन बिल्डिंग सेमिनार में सरकार ने दो एमओयू किए। रेटिंग एजेंसी ग्रिहा और आइआइटी इंदौर से एमओयू किए गए हैं। आईआईटी इंदौर और लोक निर्माण विभाग के बीच निर्माण तकनीक पर केंद्रित एमओयू का आदान-प्रदान किया गया। दूसरा एमओयू लोक निर्माण विभाग तथा गृहा संस्था के साथ किया गया।

सीएम ने ग्लोबल वार्मिंग पर चिंता व्यक्त की, कहा- इससे निपटने हर तरह के निर्माण कार्यों में पर्यावरण की अनुकूलता का ध्यान रखें

रवींद्र भवन में आयोजन में सीएम मोहन यादव ने कहा, ग्लोबल वार्मिंग से निपटने हर तरह के निर्माण कार्यों में पर्यावरण की अनुकूलता का ध्यान रखें। हर स्तर पर लागू करें। सेमिनार में मंत्री राकेश सिंह, पीएस सुखबीर सिंह, आइबीसी के सचिव कर्नल आनंद मथलेकर सहित लगभग 20 राज्यों के विशेषज्ञ मौजूद थे।

पीडब्ल्यूडी की स्मारिका, न्यूज लेटर और आईबीसी की बिल्ट इन्वायरमेंट पत्रिका का विमोचन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने शॉल-श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर आईबीसी इनोग्रल सॉन्ग और लोक निर्माण विभाग की परियोजना क्रियान्वयन इकाई की गतिविधियों पर लघु फिल्म की प्रस्तुति हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक निर्माण विभाग की स्मारिका, न्यूज लेटर और आईबीसी की बिल्ट इन्वायरमेंट पत्रिका का विमोचन किया।

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