This report has been reviewed.

आज इस सवारी में भक्तों को बाबा महाकाल के एक साथ पांच स्वरूपों (चंद्रमौलेश्वर, मनमहेश, शिवतांडव, उमामहेश और होलकर रूप) के दर्शन करने का सौभाग्य मिला।
भादौ मास के पहले सोमवार को लेकर भोपाल के आसपास क्षेत्रों से लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा का आशीर्वाद लेने पहुँचे।
भोपाल के कई शिव मंदिरों (जैसे बिड़ला मंदिर, गुफा मंदिर और भोजपुर शिव मंदिर) में भी आज सुबह से भस्म आरती के तर्ज पर विशेष श्रृंगार, महाआरती और पालकी यात्राओं के स्थानीय आयोजन किए गए हैं।
यदि आप आज भोपाल में किसी विशेष क्षेत्र (जैसे न्यू मार्केट, अशोका गार्डन या पुराने शहर) में निकली किसी खास स्थानीय समिति की महाकाल पालकी यात्रा
- Source




